Umpire Asad Rauf Dies: पाकिस्तान के बेहतरीन अंपायर्स में शामिल रहे असद रऊफ का बुधवार को लाहौर में निधन हो गया है. इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के एलीट पैनल में शामिल रहे असद रऊफ 66 साल के थे. असद रऊफ का निधन दिल का दौरा पड़ने से हुआ है.
असद रऊफ ने अपने 13 साल के करियर में 49 टेस्ट, 98 वनडे और 23 टी20 इंटरनेशनल मैचों में अंपायरिंग की. उन पर 2013 आईपीएल सीजन में स्पॉट फिक्सिंग के आरोप लगे थे. फिर असद रऊफ को 2016 में बीसीसीआई द्वारा पांच साल का प्रतिबंध लगाया था.
दुकान बंद कर घर लौट रहे थे असद
प्रतिबंध के बाद असद रऊफ का जीवन काफी बदल चुका था. वह लाहौर के एक बाजार में जूते-कपड़े की एक दुकान चलाते थे. असद के निधन की जानकारी उनके भाई ताहिर रऊफ ने दी. ताहिर ने बताया कि असद बुधवार को दुकान बंद कर घर लौट रहे थे, तभी उनके सीने में दर्द उठा. इसके बाद उनका निधन हो गया.
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के अध्यक्ष रमीज राजा ने ट्वीट करके कहा, ‘असद रऊफ के निधन का समाचार सुनकर बहुत दुखी हूं. वह न केवल एक अच्छे अंपायर थे, बल्कि उनमें हास्य का पुट भी भरा था. वह हमेशा मेरे चेहरे पर मुस्कान बिखेर देते थे और जब भी मुझे उनकी याद आएगी तो वह ऐसा करेंगे. उनके परिवार के प्रति मेरी सहानुभूति है.’
रऊफ ने पाकिस्तान के नेशनल बैंक और रेलवे की तरफ से 71 प्रथम श्रेणी मैच खेले और बाद में वह अंपायर बन गए. उन्हें अप्रैल 2006 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के एलीट पैनल में शामिल किया गया था.
मॉडल ने लगाए थे संगीन आरोप
रऊफ 2012 में मुंबई की एक मॉडल द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर भी सुर्खियों में रहे थे. मॉडल ने दावा किया कि पाकिस्तानी अंपायर के साथ उसने संबंध बनाए गए क्योंकि उन्होंने शादी करने का वादा किया था. लेकिन बाद में रऊफ वादे से मुकर गए.
बीसीसीआई ने लगाया था बैन
असद रऊफ का करियर 2013 में प्रभावित हुआ था. IPL में पाकिस्तानी प्लेयर्स के खेलने पर बैन लगा दिया था, मगर असद अंपायरिंग करते रहे थे. 2013 में असद पर आईपीएल में स्पॉट फिक्सिंग का मामला दर्ज हुआ था. इसके बाद असद को IPL बीच में ही छोड़कर जाना पड़ा था. साथ ही उन्हें उसी साल चैम्पियंस ट्रॉफी से हटाया और ICC के इंटरनेशनल अंपायरिंग पैनल से भी ड्रॉप कर दिया गया था.
इन्हीं सभी चीजों के चलते असद ने अंपायरिंग से संन्यास ले लिया था. फिर असद रऊफ को 2016 में बीसीसीआई द्वारा पांच साल का प्रतिबंध लगाया था. तब अनुशासन समिति ने उन्हें भ्रष्टाचार में शामिल होने का दोषी पाया. रऊफ ने सट्टेबाजों से मूल्यवान उपहार स्वीकार किए थे और 2013 के आईपीएल के दौरान मैच फिक्सिंग कांड में भी उनकी भूमिका सामने आई थी.