Hanuma Vihari Vs Prudhvi Raj: भारतीय टीम के स्टार क्रिकेटर हनुमा विहारी लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं. हाल ही में उन्होंने दावा किया कि वो राजनीति का शिकार हुए हैं. इसी वजह से उन्होंने घरेलू क्रिकेट में आंध्र प्रदेश टीम की कप्तानी छोड़ी. हनुमा ने कहा कि अब वो कभी भी आंध्रा की टीम से नहीं खेलेंगे.
30 साल के हनुमा ने बगैर किसी का नाम लिए कहा था कि उन्होंने 17वें नंबर के खिलाड़ी को डांट लगाई थी. उसने अपने राजनेता पिता से शिकायत की. इसी वजह से वो राजनीतिक का शिकार हुए हैं. हालांकि हनुमा ने किसी प्लेयर का नाम नहीं लिया था. मगर आंध्र की टीम के ही विकेटकीपर बल्लेबाज केएन पृध्वी राज ने सामने आकर कहा कि वही वो खिलाड़ी हैं.
अब पृध्वी के पिता नरसिम्हा भी सामने आ गए
साथ ही पृध्वी ने हनुमा के आरोपों को गलत बताया. इसी बीच विहारी के सपोर्ट में कई खिलाड़ी उतरे और आंध्र क्रिकेट एसोसिएशन को एक लेटर भेजा, जिसमें विहारी के ऊपर लगाए आरोपों को गलत बताया गया. उस पेपर पर सभी प्लेयर्स के साइन भी किए. मगर अब इस मामले में पृध्वी के पिता नरसिम्हा भी सामने आ गए हैं.
नरसिम्हा ने उलटा हनुमा पर ही फर्जीवाड़े का आरोप लगा दिया है. उनका आरोप है कि कप्तानी जाने के बाद हनुमा ने गुमराह करके सभी खिलाड़ियों से पेपर साइन करवाए थे. नरसिम्हा ने कहा कि उन पर और उनके बेटे पर लगाए सभी आरोप गलत है.
हनुमा पर गलत व्यवहार करने का आरोप लगा
बता दें कि नरसिम्हा YSR कांग्रेस पार्टी से जुड़े हुए हैं. आंध्र प्रदेश में YSR कांग्रेस पार्टी की ही सरकार है. इसी बीच विपक्षी तेलुगु देशम पार्टी (TDP) भी इस मामले में कूद पड़ी है. टीडीपी के नेता लोकेश नारा ने एक बयान जारी कर हनुमा विहारी को 2 महीने के अंदर टीम में वापस आने का आमंत्रण दिया है. लोकेश ने कहा कि हम हनुमा के लिए रेड कार्पेट बिछाएंगे.
नरसिम्हा ने इंडिया टुडे से कहा कि अगर उनके पास इतनी पावर होती कि वो हनुमा को हटा सकें, तो उनके हटने के बाद वो अपने बेटे को कप्तान नहीं बना देते. उनके बेटे को मैच खेलने तक का मौका नहीं मिला. नरसिम्हा ने हनुमा पर ही गलत व्यवहार करने का आरोप लगाया. साथ ही कहा कि हनुमा को गलत व्यवहार के बाद लगा कि एसोसिएशन के मेंबर्स उनसे सवाल कर सकते हैं तो उन्होंने उनके बेटे पृध्वी को निशाना बना लिया.
खिलाड़ियों को गुमराह करके साइन करवाए
पेपर पर खिलाड़ियों के साइन को लेकर नरसिम्हा से सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि वो पूरी तरह से झूठ है. जब विहारी को कप्तानी से हटाया गया था तो उन्होंने बाकी प्लेयर्स को बुलाया और उन्हें एक पेपर साइन करने के लिए कहा. उस पेपर पर क्या लिखा था, वो हनुमा ने खिलाड़ियों को नहीं बताया और साइन करवा लिए.
नरसिम्हा ने कहा, 'आप किसी भी प्लेयर से पूछ सकते हैं और वो आपको एक ही बात कहेंगे. अब प्लेयर्स से पूछो कि उनसे पेपर कब साइन करवाए गए. बीते दिन या हाल में कोई पेपर साइन नहीं किया गया.'
हनुमा पर पृध्वी को टॉर्चर करने का आरोप
क्या उस लेटर को झूठा बता रहे हैं? इसके जवाब में नरसिम्हा ने कहा कि लेटर की तारीख गलत है. बंगाल के खिलाफ मैच वाले दिन हनुमा और उनके बेटे का विवाद हुआ था. इसी दौरान हनुमा ने उनके बेटे को अपशब्द कहे. इसको लेकर हनुमा के खिलाफ एसोसिएशन में शिकायत दर्ज कराई.
हनुमा के खिलाफ 5 शिकायतें और भी दर्ज की गई थीं. उनका बेटा पृध्वी रिकॉर्ड होल्डर विकेटकीपर है. हनुमा करीब ढाई महीने से उनके बेटे को मानसिक और इमोशनली टॉर्चर कर रहे थे. उसे मैच तक खेलने नहीं दिया.