India Vs New Zealand 3rd Test Highlights: रोहित शर्मा की कप्तानी में भारतीय टीम को अपने ही घर में शर्मसार होना पड़ा है. न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम ने 3 मैचों की टेस्ट सीरीज 3-0 से क्लीन स्वीप किया है. तीसरा टेस्ट मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला गया. मैच के तीसरे दिन (3 नवंबर) ही कीवी टीम ने भारत को 25 रनों से करारी शिकस्त दी.
इस मुकाबले में कीवी टीम ने अपनी पहली पारी में 235 रन बनाए. जवाब में भारत ने अपनी पहली पारी में 263 रन जड़ दिए थे. यानी पहली पारी के आधार पर भारत को 28 रनों की लीड मिली. फिर न्यूजीलैंड की दूसरी पारी 174 रनों पर सिमट गई. इस तरह भारत को 147 रनों का टारगेट मिला था, लेकिन टीम 121 रन ही बना सकी.
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भारत की ओर से बाएं हाथ के स्पिनर रवींद्र जडेजा ने इस मुकाबले में 10 विकेट लिए. न्यूजीलैंड की जीत के हीरो बाएं हाथ के स्पिनर एजाज पटेल रहे, जिन्होंने दूसरी पारी में 6 विकेट लिए. एजाज ने पहली इनिंग्स में भी 5 विकेट झटके थे. इस हार के लिए एक या दो नहीं बल्कि 5 बड़े कारण रहे, जिन्हें न्यूजीलैंड टीम ने काफी अच्छे से भांपा और हर पारी में भारतीय टीम को दर्द ही दिया. आइए जानते हैं इन 5 कारणों के बारे में...
रोहित-कोहली एक साथ फेल
न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भारतीय कप्तान रोहित शर्मा और विराट कोहली दोनों ही बुरी तरह फ्लॉप रहे हैं. यह दोनों कुल मिलाकर 6 पारियों में 100-100 रन भी नहीं बना सके. रोहित ने 6 पारियों में सिर्फ 91 रन बनाए. जबकि कोहली ने 93 रन बनाए.
रोहित ओपनिंग में मोर्चा संभालते हैं, जबकि कोहली तीसरे और चौथे नंबर पर बैटिंग करने आए थे. ऐसे में इन दोनों के फ्लॉप होने से पारी संभालने का जिम्मा पूरी तरह से मिडिल ऑर्डर पर आता है. मगर यह भी कमजोर पहलू रहा. ऐसे में पूरी टीम बुरी तरह ढेर होती नजर आई. 6 में से एक भी पारी ऐसी नहीं रही, जब कोहली और रोहित अपने दम पर मोर्चा संभालते दिखे हों.
बेस्ट फिनिशर की कमी खली
सीरीज के तीनों ही मैचों में भारतीय टीम को बेस्ट फिनिशर की कमी खली है. खासकर तीसरे टेस्ट में जब 147 रनों का छोटा टारगेट सामने था, तो भारत की जीत की काफी उम्मीद थी. मगर ऐसा नहीं हो सका. लगातार गिरते विकेटों के बीच कोई भी बल्लेबाज क्रीज पर टिक नहीं सका. यदि कोई एक भी प्लेयर टिकता और मैच फिनिश करता, तो नतीजा कुछ ओर ही हो सकता था.
खराब शॉट सेलेक्शन
भारतीय बल्लेबाजों के ढेर होने का एक बड़ा कारण उनका खराब शॉट सेलेक्शन भी रहा है. इसमें शुभमन गिल का बढ़िया उदाहरण देख सकते हैं. उन्होंने पहली पारी में 90 रन बनाए थे, इसके बावजूद वो स्पिनर एजाज पटेल को समझ नहीं सके. दूसरी पारी में क्रीज पर आते ही 4 गेंदों खेलीं और बड़ी गलती की. गिल ने स्टम्प पर आती गेंद को छोड़ दिया और क्लीन बोल्ड हो गए.
इसी तरह सरफराज खान भी रहे हैं. उन्होंने पहले टेस्ट की दूसरी पारी में 150 रन बनाए थे. तब एजाज को शानदार अंदाज में खेला था. मगर इस तीसरे टेस्ट में वो दोनों ही पारियों में एजाज पटेल का ही शिकार बने. कप्तान रोहित शर्मा और यशस्वी जायसवाल ने भी खराब शॉट खेलकर अपने विकेट गंवाए.
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लेफ्ट-आर्म स्पिनर का तोड़ नहीं तलाश सके
इस सीरीज के आखिरी 2 टेस्ट मैचों में भारतीय टीम लेफ्ट-आर्म स्पिनर के जाल में बुरी तरह फंसती दिखाई दी. उसकी शर्मनाक हार का एक कारण ये भी रहा है. दूसरे टेस्ट में मिचेल सेंटनर ने पहली पारी में 7 और दूसरी पारी में 6 विकेट लेकर भारतीय टीम को बुरी तरह ढेर किया था.
अब तीसरे टेस्ट में यही काम एजाज पटेल ने किया है. दूसरा टेस्ट हारने के बावजूद भारतीय टीम लेफ्ट-आर्म स्पिनर का तोड़ नहीं तलाश सकी. जिसका खामियाजा तीसरे टेस्ट में भी भुगतना पड़ा है. तीसरे टेस्ट में न्यूजीलैंड की जीत के हीरो बाएं हाथ के स्पिनर एजाज पटेल ही रहे, जिन्होंने पहली पारी में 5 और दूसरी पारी में 6 विकेट लिए.
लेफ्ट-राइट के कॉम्बिनेशन में उलझे
एक तरह न्यूजीलैंड स्पिनर हावी होते नजर आए हैं तो इसी बीच भारतीय टीम लेफ्ट-राइट के कॉम्बिनेशन में ही उलझी दिखाई दी है. कोच गौतम गंभीर और कप्तान रोहित शर्मा हर समय इसी पर ध्यान देते दिखे कि क्रीज पर लेफ्ट-राइट का कॉम्बिनेशन बना रहे.
यही कारण भी रहा है कि सरफराज खान को काफी नीचे बैटिंग के लिए भेजा गया. दूसरे टेस्ट की दूसरी पारी में वॉशिंगटन सुंदर को छठे और सरफराज को 7वें नंबर पर भेजा था. तीसरे टेस्ट की पहली पारी में तो सरफराज को 8वें नंबर पर भेजा गया. बार-बार प्लेयर्स का बैटिंग ऑर्डर बदला भी एक बड़ा कारण रहा है. लीजेंड सुनील गावस्कर समेत कई दिग्गज यह कह चुके हैं कि टेस्ट में लेफ्ट-राइट का कॉम्बिनेशन नहीं देखा जाता है. यह एक्सपेरिमेंट नहीं होना चाहिए.