सलामी बल्लेबाज ऋतुराज गायकवाड़ इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में अच्छी लय में दिखे थे, लेकिन वह उस फॉर्म को राष्ट्रीय टीम के प्रदर्शन में तब्दील नहीं कर सके हैं. लेकिन वह इससे ज्यादा चिंतित नहीं है. महाराष्ट्र के इस खिलाड़ी ने 36 आईपीएल मैचों में अब तक 1207 रन बनाए हैं, लेकिन 25 साल का यह खिलाड़ी 6 टी20 इंटरनेशनल मैचों में महज 120 रन ही जुटा सका है, जिसमें एकमात्र अर्धशतक मंगलवार को यहां दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीसरे टी20 में बना.
'... नहीं परेशान नहीं हूं, यह खेल का हिस्सा'
यह पूछने पर कि क्या इससे वह परेशान हैं तो गायकवाड़ ने कहा, ‘नहीं परेशान नहीं हूं, यह खेल का हिस्सा होता है.’ उन्होंने कहा, ‘पिछला साल मेरे लिए काफी अच्छा रहा था इसलिए लोगों को काफी उम्मीदें थी क्योंकि जब आपका आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन शानदार रहा तो ऐसा होता है.’
इस साल आईपीएल में हालांकि उनका फॉर्म उतार-चढ़ाव भरा रहा, लेकिन आखिर में उन्होंने वापसी की जिससे चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के लिए 14 मैचों में तीन अर्धशतक से 368 रन बनाने में सफल रहे.
उन्होंने कहा, ‘आईपीएल में विकेट थोड़ा गेंदबाजों के मुफीद था. वहां कोई सपाट विकेट नहीं था, गेंद टर्न कर रही थी और इसमें कुछ स्विंग भी थी.’
गायकवाड़ ने कहा, ‘इसलिए आईपीएल में तीन-चार मैचों में मैं कुछ में अच्छी गेंदों पर आउट हुआ, कुछ अच्छे शॉट फील्डर्स के हाथ में चले गए तो यह सब टी20 क्रिकेट का हिस्सा है.’
कुछ दिन अच्छे नहीं होते, कुछ दिन खराब होते हैं
उन्होंने कहा, ‘आपके लिए कुछ दिन अच्छे नहीं होते और कुछ दिन वास्तव में खराब होते हैं. लेकिन इसमें मानसिक रूप से निरंतर बने रहना और अपनी प्रक्रिया पर भरोसा बनाए रखना अहम होता है.’
पहले दो मैचों में गायकवाड़ ने 23 और 01 रन बनाए, जिससे सलामी बल्लेबाज के तौर पर उनकी क्षमता पर सवाल उठने लगे. हालांकि उन्होंने तब अच्छी पारी खेली जब टीम को सबसे ज्यादा जरूरत थी, ताकि टीम सीरीज में बनी रहे. उन्होंने 35 गेंदों में 7 चौके और 2 छक्के से 57 रन बनाए.
उन्होंने कहा, ‘सीरीज के शुरुआती दो मैचों में विकेट थोड़ा कठिन था. पिछले दो मैचों में पहले बल्लेबाजी में यह आसान नहीं था, लेकिन यहां का विकेट अच्छा था, गेंद बल्ले पर आ रही थी इसलिए मैंने अपना ‘गेम’ खेला.’ गायकवाड़ ने कहा, ‘मैंने कुछ भी नहीं बदला, मेरी सोचने की प्रक्रिया, सब कुछ समान थी.’