India Vs England 1st T20I Match Story: एक दिसंबर 2006... यह वो तारीख है, जब टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में भारतीय टीम ने कदम रखा था. इसी तारीख को टीम इंडिया ने अपना पहला टी20 इंटरनेशनल मैच खेला, जिसमें साउथ अफ्रीका को जोहानिसबर्ग के मैदान पर 6 विकेट से पटखनी दी थी. यह पहले और भारत के ऐतिहासिक टी20 मैच में वीरेंद्र सहवाग ने कप्तानी संभाली थी.
इसके करीब 9 महीने बाद सितंबर 2007 में भारतीय टीम की क्रिकेट के जनक इंग्लैंड से टक्कर हुई. यह टी20 वर्ल्ड कप के पहले ही सीजन का काफी यादगार मुकाबला रहा है. 19 सितंबर को हुए इस मैच को इतिहास में कभी भुलाया नहीं जा सकेगा.
यह मैच जहां भारतीय टीम के लिए खुशियों भरा रहा, तो दूसरी ओर इंग्लैंड के लिए होश उड़ा देने वाला रहा था. ग्रुप-ई के तहत टूर्नामेंट का यह 21वां मुकाबला डरबन में खेला गया था. मैच में भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग का फैसला किया था.
इसके बाद गौतम गंभीर और सहवाग ने ओपनिंग में धुआं-धुआं कर दिया. दोनों ने मिलकर 89 गेंदों पर 136 रनों की आतिशी पार्टनरशिप कर डाली. गंभीर ने 41 गेंदों पर 58 और सहवाग ने 52 गेंदों पर 68 रनों की पारी खेली. यहां से टीम ने 3 विकेट जल्दी गंवाए और स्कोर 16.4 ओवर में 3 विकेट पर 155 रन हो गया था.
लग रहा था कि अच्छी शुरुआत के बाद टीम छोटे स्कोर पर ही सिमट जाएगी. मगर यहां से युवराज सिंह ने मोर्चा संभाला. उन्होंने अपनी बैटिंग से अंग्रेज गेंदबाजों के होश उड़ा दिए. 18 ओवर में भारतीय टीम ने 3 विकेट पर 171 रन जड़ दिए थे. इसी ओवर में एक ऐसा वाकया हुआ, जिसने पूरे मैच का रुख ही पलट दिया और इसे ऐतिहासिक बना दिया.
यही वो वाकया था, जिसने युवराज को सिक्सर किंग बना दिया. दरअसल, 18वां ओवर तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर एंड्रयू फ्लिंटॉफ ने किया था. ओवर की चौथी और पांचवीं बॉल पर युवी ने लगातार 2 चौके जड़े थे. इस बात से फ्लिंटॉफ बुरी तरह बौखला गए.
आखिरी बॉल पर फ्लिंटॉफ ने एक रन ही दिया, लेकिन इसके बाद उन्हें युवराज से कुछ कहते हुए देखा गया. यह बात युवी की ठीक नहीं लगी और उन्हें गुस्सा आ गया. युवी बल्ला लेकर फ्लिंटॉफ की ओर चल दिए थे. इसी दौरान फील्ड अंपायर और नॉनस्ट्राइक पर मौजूद धोनी ने मामला संभाला. उन्होंने युवी को शांत कराया.
युवी को इस बात का इतना गुस्सा आया कि उन्होंने अगला ओवर करने आए तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड को बुरी तरह धो दिया. युवी ने एक के बाद एक लगातार 6 छक्के जड़कर इतिहास ही रच दिया. फ्लिंटॉफ ने सपने में भी नहीं सोचा था कि युवी को गुस्सा दिलाना इतना भारी पड़ सकता है.
इसका खामियाजा पूरी तरह से ब्रॉड और इंग्लैंड टीम ने भुगता. युवी ने इस 19वें ओवर में 6 छक्के जड़कर कुल 36 रन बना डाले. इसी के साथ टीम का स्कोर आखिर में 218 रनों तक पहुंचाया. इन 6 छक्कों की बदौलत युवी ने 12 गेंदों पर टी20 इतिहास की सबसे तेज फिफ्टी भी जमाई, जिसका रिकॉर्ड सितंबर 2023 में आकर टूटा. नेपाल के दीपेंद्र सिंह ने मंगोलिया के खिलाफ 9 गेंदों पर फिफ्टी लगाकर यह रिकॉर्ड तोड़ा.
युवी की पारी ने इंग्लैंड के पूरी तरह होश उड़ा दिए थे. इंग्लिश कप्तान पॉल कॉलिंगवुड और फ्लिंटॉफ समझ नहीं पा रहे थे कि आखिर करें तो क्या? खैर, जब 219 रनों का टारगेट मिला तो इंग्लैंड ने भी दमदार बल्लेबाजी की, लेकिन वो मैच नहीं जीत सकी. टीम ने 6 विकेट पर 200 रन बनाए और 18 रनों से मैच गंवा दिया.
इस तरह क्रिकेट के जनक इंग्लैंड के लिए भारतीय टीम से टी20 में भिड़ना कभी आसान नहीं रहा है. पहले मैच से ही उसे पसीने छूटते आ रहे हैं. एक बार फिर यही इंग्लैंड टीम भारत दौरे पर आ रही है, जहां उसे 5 टी20 और 3 वनडे मैचों की सीरीज खेलनी है. पहला टी20 मैच 22 जनवरी को होगा. अब देखना होगा कि आखिर इस बार क्या रोमांच देखने को मिलता है.
क्या हुआ था युवी और फ्लिंटॉफ के बीच?
एक बार कपिल शर्मा शो में युवी ने अपने और फ्लिंटॉफ के बीच हुई उस टी20 मैच में हुई बातचीत का खुलासा किया था. उन्होंने कहा था, 'जब आप देश के लिए खेल रहे हों तो गाली-गलौज कई बार हो जाती है. क्योंकि इतना एग्रेशन हो जाता है... तो मैंने उनको (फ्लिंटॉफ की बॉल पर) दो चौके मारे. अच्छी बॉल थीं वो तो मुझे लगता है उनको बुरा लग गया.'
'उन्होंने मुझे कुछ बोला बेकार तरीके में गलत शॉट्स... तो मैंने उनको बोल दिया बेकार तरीके में तू यहां से चले जा. (इतना सुनते ही युवी और सभी हंसने लगे)... तो उन्होंने (फ्लिंटॉफ) मुझे बोला मैं तेरा गला काट दूंगा. फिर मैंने कहा बल्ला देख रहा है... (यहां भी सभी हंसने लगे) बल्ले से मैं तुझे मार दूंगा.'