भारत और इंग्लैंड की महिला टीम के बीच इकलौता टेस्ट मैच नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में खेला जा रहा है. मुकाबले के दूसरे दिन (15 दिसंबर) भारतीय स्पिनर दीप्ति शर्मा ने गेंद से कहर बरपाया. दीप्ति ने पांच विकेट लिए, जिसके चलते इंग्लिश टीम अपनी पहली इनिंग्स में 136 रनों पर ही सिमट गई. भारत ने पहली पारी में 428 रन बनाए थे. यानी पहली पारी के आधार पर भारत को 292 रनों की बड़ी लीड हासिल हुई. भारत ने इंग्लैंड को फॉलोऑन नहीं दिया है और उसने स्टम्प के समय तक दूसरी पारी में छह विकेट पर 186 रन बनाए थे.
इंग्लैंड ने 29 रनों के अंदर गंवाए सात विकेट
पहली पारी में इंग्लैंड की टीम का स्कोर एक समय तीन विकेट पर 108 रन था और नेट साइवर-ब्रंट की डेनियल वैट के साथ अच्छी पार्टनरशिप हो चुकी थी. यहां से दीप्ति शर्मा ने गेम का सारा नक्शा पलट दिया. दीप्ति ने अपनी दूसरी ही गेंद पर वैट को चलता किया. फिर अपने तीसरे ओवर में इस स्पिन गेंदबाज ने एमी जोन्स और सोफी एक्लेस्टोन को पवेलियन की राह दिखाई. दीप्ति ने बाद में केट क्रॉस और लॉरेन फाइलर को आउट करके इंग्लिश पारी को समेट दिया.
5⃣-🌟 Bowling Performance, ft. @Deepti_Sharma06!
Relive her brilliant five-wicket haul 🎥 🔽 #TeamIndia | #INDvENG | @IDFCFIRSTBank— BCCI Women (@BCCIWomen) December 15, 2023
इंग्लैंड की ओर से नेट साइवर-ब्रंट ने 10 चौकों की मदद से 70 गेदों पर 59 रन बनाए. भारत के लिए दाएं हाथ की स्पिनर दीप्ति शर्मा ने 5.3 ओवरों में 7 रन देकर पांच विकेट चटकाए. दीप्ति ने चार मेडन ओवर भी फेंके. वहीं स्नेह राणा को दो, जबकि पूजा वस्त्राकर और रेणुका सिंह को एक-एक सफलता हासिल हुई.
दीप्ति ने बल्ले से भी किया कमाल
भारतीय बल्लेबाजों ने पहली पारी में काफी दमदार खेल दिखाया था. अपना डेब्यू टेस्ट मैच खेल रहीं शुभा सतीश ने 76 गेंद में 13 चौकों से 69 रन की पारी खेली. उन्होंने करीब 91 के स्ट्राइक रेट से रन जुटाए. जेमिमा रोड्रिग्स ने भी 99 गेंदों पर 68 रनों पारी खेली, जिसमें 11 चौके शामिल रहे. इसके अलावा दीप्ति शर्मा ने 67 और यास्तिका भाटिया ने 66 रनों का योगदान दिया. कप्तान हरमनप्रीत ने 81 गेंद में छह चौकों की मदद से 49 रन बनाए. इंग्लैंड की ओर से लॉरेन बेल और सोफी एक्लेस्टोन को तीन-तीन विकेट मिला.
दीप्ति शर्मा ऐसी दूसरी भारतीय महिला खिलाड़ी हैं, जिन्होंने किसी टेस्ट में अर्धशतकीय पारी खेलने के साथ-साथ पारी में पांच या उससे ज्यादा विकेट लिए. इससे पहले शुभांगी कुलकर्णी ने साल 1985 में न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट मैच में यह मुकाम हासिल किया था. तब शुभांगी ने बल्ले से 79 रन बनाए और फिर पारी में छह विकेट भी चटकाए थे.