देश के महानगरों में होने वाले आईपीएल खेला जा रहा है. जिसका विरोध कर्नाटक और तमिलनाडु में कावेरी जल विवाद के मामले तेज होता जा रहा है. कावेरी मुद्दे पर आंदोलन करने वाले एक तमिल संगठन ने मैच के आयोजन वाले स्टेडियम के बाहर कल यानी मंगलवार को प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है.
बता दें, अभिनेता रजनीकांत, दामाद धनुष, एम नासर, सत्यराज, विजय, विक्रम, शिवाकार्तिकेयन, प्रशांत, सूर्या, श्रीप्रिया, कस्तूरी, रेखा हैरिस और विशाल समेत कई तमिल कलाकार भी इस विरोध प्रदर्शन में है. कई सिने हस्तियां भी चाहती हैं कि मैच स्थगित किया जाए लेकिन आईपीएल टीम चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के एक अधिकारी ने बताया कि तय कार्यक्रम के मुताबिक ही मैच होंगे.
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कावेरी प्रबंधन बोर्ड (केएमबी) के गठन की मांग को लेकर तमिलनाडु में पिछले एक हफ्ते से प्रदर्शन चल रहा है. तमिल समर्थक संगठन तमिझागा वाझवुरियामी काची ( टीवीके) ने सोमवार को चेतावनी दी कि अगर मैच कराया जाता है तो वे यहां के एम ए चिदंबरम स्टेडियम का कल घेराव करेंगे.
बता दें कि IPL 11 का कल शाम आठ बजे से एम ए चिदंबरम स्टेडियम में एम एस धोनी की कप्तानी वाले सीएसके और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच पहला मुकाबला होगा. बहरहाल, सीएसके के सीईओ के एस विश्वनाथन ने कहा कि टीम के बीच मैच तय कार्यक्रम के मुताबिक ही होगा.
गौरतलब है कि चेन्नई में IPL 11 के कुल सात मैच होने है. जो कावेरी जल विवादों के घेरे में आ रहा है. जिसपर अभिनेता और राजनीतिक नेता रजनीकांत ने कहा है कि इस समय राज्य में तनावग्रस्त हालात हैं. राज्य के लोग और किसान कावेरी जल विवाद को लेकर चिंतित हैं. ऐसे में अगर राज्य के लोग आईपीएल के मैचों का मजा लेंगे तो यह शर्म की बात होगी.
क्या है विवाद?
आपको बता दें कि इसी साल 16 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की बेंच ने तमिलनाडु को मिलने वाले पानी में कटौती की थी और बेंगलुरु का हिस्सा बढ़ा दिया था. कोर्ट ने कर्नाटक को मिलने वाले पानी की मात्रा में 14.75 थाउजैंड मिलियन क्यूबिक (टीएमसी) फीट का इजाफा किया था और तमिलनाडु का इतना ही हिस्सा कम किया था. हालांकि कोर्ट ने तमिलनाडु को रिवर बेसिन से 10 टीएमसी फीट पानी निकालने की इजाजत दी थी. कोर्ट ने केंद्र को इस जल बंटवारे के लिए छह हफ्तों के भीतर कावेरी मैनेजमेंट बोर्ड के गठन का आदेश भी दिया था. यह समयसीमा 29 मार्च को पूरी हो गई.
कर्नाटक कर रहा विरोध
तमिलनाडु की मांग है कि इस मामले में बोर्ड बनाया जाए, जबकि कर्नाटक बोर्ड के गठन का विरोध कर रहा है. कर्नाटक का कहना है कि बोर्ड का गठन किए बिना किसी और तरीके से कोर्ट के आदेश का पालन किया जाए. तमिलनाडु सरकार इस मामले में केंद्र की निष्क्रियता के विरोध में सुप्रीम कोर्ट भी पहुंची हुई है. इस केस की सुनवाई 9 अप्रैल यानी सोमवार को होनी है.