सुप्रीम कोर्ट में आईपीएल के छठे संस्करण में स्पॉट फिक्सिंग और सट्टेबाजी पर सुनवाई को लेकर सुर्खियों का बाजार गर्म है. हर सुनवाई के साथ दोनों पक्षों के बीच दूरियां बढ़ती जा रही हैं. कोर्टरूम से भी सुनवाई के दौरान जोरदार बहस की खबरें आती रहती हैं. इसकी तुलना में मंगलवार का दिन बेहद ही सहज रहा. सुनवाई के दौरान कई ऐसे मौके आए जब कोर्ट रूम का गंभीर माहौल खुशनुमा हो गया.
एक नजर इन मजेदार लम्हों पर...
1. जब एन श्रीनिवासन के वकील कपिल सिब्बल ने जस्टिस टीएमस ठाकुर से कहा कि आदित्य वर्मा की अर्जी के लिए आईपीएल के पूर्व चेयरमैन ललित मोदी ने पैसे दिए हैं. तो इस पर आदित्य वर्मा के वकील हरीश साल्वे ने कहा, 'मुझे भी इसके बारे में कल ही पता चला. बहुत अच्छी बात है. अबसे मुझे यह पता चल गया कि किससे फीस लेनी है और किससे फीस बढ़ाने की बात करनी है. अब तक मैं अपने क्लाइंट को लेकर थोड़ा सॉफ्ट था.'
2. जब मामले पर सुनवाई लंबे वक्त तक चलती रही तो कपिल सिब्बल ने जानना चाहा कि कोर्ट रूम की घड़ी में क्या वक्त हो रहा है. पर उन्हें घड़ी नहीं दिखी. उन्होंने जस्टिस ठाकुर से मांग की कि एक घड़ी जज की बेंच के पास भी होना चाहिए. इसपर जज साहब का कहना था, 'मैं समझ सकता हूं. मुश्किल में पड़े पक्ष के लिए घड़ी राहत का काम कर सकती है.'
3. गुरुनाथ मयप्पन के वकील सिद्धार्थ लूथरा ने कोर्ट से शिकायत की कि उन्हें अब तक केस से संबंधित कागजात नहीं मिले हैं, ऐसे में कोर्ट गुरुवार तक दलील तय कर पाना आसान नहीं होगा. इस पर जस्टिस ठाकुर ने कहा, 'श्रीनिवासन तो हैं ही. आपकी तो उनतक अच्छी पहुंच है. आप उनसे कागजात नहीं ले सकते? उनसे ही ले लीजिए.'
सीएबी की मांग, मुद्गल समिति की रिपोर्ट हो सार्वजनिक
बिहार क्रिकेट संघ (सीएबी) ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट से स्पॉट फिक्सिंग एवं सट्टेबाजी की जांच के बाद तैयार मुद्गल समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक किए जाने का अनुरोध किया, ताकि लोग पर्दे के पीछे छिपे गलत लोगों को पहचान सकें. सीएबी की ओर से वकील हरीश साल्वे ने कोर्ट के समक्ष आईपीएल द्वारा मान्यता प्रदान करने वाले दस्तावेज पेश किए, जिसमें मयप्पन को साफ तौर पर चेन्नई सुपर किंग्स का टीम प्रिंसिपल दर्शाया गया है.
अब इस मामले की सुनवाई गुरुवार को होगी.