किंग्स इलेवन पंजाब के कप्तान रविचंद्रन अश्विन ने 'मांकड़िंग' विवाद पर एक बार फिर कहा कि इसे लेकर उनकी 'अंतरात्मा बिल्कुल साफ है.' अश्विन ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के इस संस्करण के अपने पहले मैच में राजस्थान रॉयल्स के बल्लेबाज जोस बटलर को मांकड़िंग कर पवेलियन भेजा था. अश्विन का बयान बटलर के उस बयान के बाद आया है, जिसमें एक दिन पहले ही उन्होंने कहा था कि मांकड़िंग से संबंधित सभी नियम स्पष्ट होने चाहिए.
अश्विन ने 'आजतक' के साथ बातचीत में कहा, 'इसमें मेरे पास बचाव करने के लिए कुछ भी नहीं है. जैसा कि मैंने उस दिन कहा था कि यह स्वभाविक तरीके से हुआ. इसे लेकर ऐसी कोई योजना नहीं थी कि अगर बटलर बाहर (क्रीज के) जाएंगे तो मुझे उन्हें आउट करना होगा.'
अश्विन ने कहा, 'हालांकि उन्होंने (बटलर) ऐसा चार या पांच बार किया. वह उस दिन मेरी गेंदबाजी पर खतरा नहीं लेना चाहते थे, इसलिए वह गेंद को लेग साइड की ओर धकेल रहे थे और दो रन लेने की कोशिश कर रहे थे.' पंजाब के कप्तान ने आगे कहा, 'मैंने देखा कि उन्होंने ऐसा चार या पांच बार किया है. यह नियमों में है कि अगर बल्लेबाज अपनी क्रीज से बाहर जाते हैं तो आप उन्हें रन आउट कर सकते हैं. यह बल्लेबाज की जिम्मेदारी है कि वह क्रीज के पीछे रहें.'
अश्विन बोले- गेंदबाज को नो बॉल की इजाजत नहीं तो बल्लेबाज को कुछ गज चोरी की क्यों
अश्विन ने कहा कि 'जो लोग मुझे जानते हैं, वह कभी नहीं कहेंगे कि मैंने कुछ अवैध किया है. उन्होंने कहा, 'जो लोग मुझे अच्छी तरह से जानते हैं वे जानते हैं कि मैं कभी भी कुछ भी गलत नहीं करूंगा. आप यह नहीं कह सकते कि 'अश्विन खलनायक हैं' क्योंकि उन्होंने ऐसा किया है.'
अश्विन ने साथ ही कहा, 'खेल में जो भी नियम है, मैंने उसका फायदा उठाया. मैं इससे इनकार नहीं कर रहा हूं कि मैंने ऐसा किया है, लेकिन यह नियम है. अगर कोई इसे पसंद नहीं करता है और आपको लगता है कि यह क्रिकेट के 'स्पोर्ट्समैनशिप' में फिट नहीं है तो आपको इस नियम को हटा देना चाहिए.'