scorecardresearch
 

Happy Birthday Kapil Dev: कपिल देव ने करियर में कभी नहीं डाली नो-बॉल? इस दावे का सच क्या है...

इन तमाम किस्से-कहानियों के बीच एक ऐसा कथित फ़ैक्ट भी है जिसका कपिल की जयगाथा में उल्लेख किया जाता है लेकिन असलियत ये है कि इसे अफ़वाह की श्रेणी में रखा जाना चाहिये. तमाम वेबसाइट्स पर ऐसे आर्टिकल मिल जायेंगे जो ये कहते हैं कि कपिल देव ने अपने पूरे अंतर्राष्ट्रीय करियर में एक भी नो-बॉल नहीं फेंकी.

Advertisement
X
क्या कपिल देव ने नहीं डाली नो-बॉल? (Getty Images)
क्या कपिल देव ने नहीं डाली नो-बॉल? (Getty Images)

कपिल देव भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े और भारतीय क्रिकेट पर सबसे ज़्यादा प्रभाव डालने वाले नामों में से एक हैं. उनका अंतरराष्ट्रीय करियर 1978 में शुरू हुआ और 45 साल बाद भी उन्हें भारत का सबसे बड़ा ऑल-राउंडर माना जाता है. कपिल ने भारतीय उपमहाद्वीप में तेज़ गेंदबाज़ी को नयी परिभाषा दी और इस दौरान कई रिकॉर्ड अपने नाम किये. उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 434 और वन-डे क्रिकेट में 253 विकेट लिये. बल्ले से भी उन्होंने कई चमत्कार सरीखे मौके सामने रखे जिसमें 1983 विश्व कप में ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ खेली पारी सबसे ऊपर रहती है. 

Advertisement

इस पारी के बारे में कपिल देव के साथी खिलाड़ी और क्रिकेट लेजेंड सुनील गावस्कर का मानना है कि उनकी उस पारी ने विश्व क्रिकेट की तस्वीर बदलकर रख दी. गावस्कर का मानना है कि क्रिकेट का खेल आज जिस मुकाम पर है, उसमें टनब्रिज वेल्स में कपिल के बल्ले से आये 175 रनों का बहुत बड़ा योगदान है. इसके अलावा भी कई मौके हैं जिन्हें कपिल की जादूगरी के लिये याद रखा जाता है. मसलन, 1990 में, जब इंडिया को फ़ॉलो-ऑन बचाने के लिये 24 रन चाहिये थे और आख़िरी जोड़ी खेल रही थी, उन्होंने लगातार चार छक्के मारे और फ़ॉलो-ऑन बचा लिया.

क्लिक करें: दो वर्ल्डकप विजेता कप्तान और एक सेल्फी, दिल जीत लेगी ये तस्वीर

इन तमाम किस्से-कहानियों के बीच एक ऐसा कथित फ़ैक्ट भी है जिसका कपिल की जयगाथा में उल्लेख किया जाता है लेकिन असलियत ये है कि इसे अफ़वाह की श्रेणी में रखा जाना चाहिये. तमाम वेबसाइट्स पर ऐसे आर्टिकल मिल जायेंगे जो ये कहते हैं कि कपिल देव ने अपने पूरे अंतर्राष्ट्रीय करियर में एक भी नो-बॉल नहीं फेंकी. सोशल मीडिया पर भी ऐसे कई पोस्ट्स देखे जा सकते हैं. लेकिन ये सच नहीं है.

Advertisement

रैंडमली स्कोरकार्ड सर्च करने पर मिलता है कि 1994 में खेली जा रही सिंगर वर्ल्ड सीरीज़ (श्रीलंका, इंडिया, ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान) के तीसरे मैच में कपिल देव ने ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ एक नो बॉल फेंकी थी. ईएसपीएन क्रिकइन्फ़ो पर मिले इस स्कोरकार्ड के मुताबिक़, मैच में 2 नो-बॉल फेंकी गयीं. कपिल के अलावा मनोज प्रभाकर ने भी एक नो-बॉल फेंकी थी.

ये एकमात्र मौका नहीं है जब कपिल के नो बॉल फेंकने का सबूत मिलता हो. यूट्यूब की शरण में जाइये. यहां कपिल देव के टेस्ट करियर का पहला ओवर देखने को मिलता है. ये मैच फ़ैसलाबाद में खेला जा रहा था जहां टेस्ट की पहली गेंद कपिल देव ने ही फेंकी थी. इस वीडियो में कपिल की फेंकी गेंद को नो-बॉल डिक्लेयर होते देखा जा सकता है.

यानी, कपिल के नो-बॉल फेंकने का वीडियो साक्ष्य भी इंटरनेट पर मौजूद है. इस तरह से ये साबित हो जाता है कि कपिल के अंतर्राष्ट्रीय करियर में एक भी नो-बॉल न फेंकने का दावा ग़लत है.

कपिल देव ने अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर में 434 टेस्ट और 253 वन-डे विकेट लिये. वहीं बल्लेबाज़ी करते हुए उन्होंने टेस्ट मैचों में 5248 और वन-डे में 3783 रन बनाये. कपिल के नाम एक अनोखा रिकॉर्ड भी लिखा हुआ है. बतौर कप्तान, एक पारी में सर्वश्रेष्ठ बॉलिंग फ़िगर की लिस्ट में कपिल सबसे ऊपर हैं. उन्होंने 1983 में वेस्ट-इंडीज़ के ख़िलाफ़ अहमदाबाद में एक पारी में 83 रन देकर 9 विकेट लिये थे. कपिल के लिये साल 1983 बेहतरीन था. उनकी अगुवाई में भारत ने क्रिकेट विश्व कप जीता और इस साल उन्होंने 18 टेस्ट मैचों में 75 विकेट लिये. कपिल देव को अर्जुन अवॉर्ड (1980), पद्मश्री (1982) और पद्म भूषण (1991) मिल चुका है. 

Advertisement
Advertisement