Naseem Shah on Pakistan Team: पाकिस्तान क्रिकेट टीम को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. खिलाड़ी लगातार क्रिकेट खेलने को मजबूर हो रहे हैं. शरीर थकने के बावजूद पाकिस्तानी क्रिकेटर आराम नहीं करते हैं. इसकी बड़ी वजह करियर खत्म होने का डर है. यह दावा पाकिस्तानी युवा तेज गेंदबाज नसीम शाह ने किया है.
इस खुलासे के बाद से फैन्स को उस सवाल का जवाब मिल गया होगा कि आखिर क्यों पाकिस्तानी टीम फुल स्ट्रेंथ के साथ जिम्बाब्वे, अफगानिस्तान और बांग्लादेश जैसी कमजोरी टीमों के खिलाफ सीरीज खेलती है. बाबर आजम, मोहम्मद रिजवान जैसे स्टार प्लेयर भी लगातार खेलते हैं.
'सीनियर प्लेयर शरीर को आराम देने से डरते हैं'
नसीम शाह कंधे की चोट के कारण पिछले साल वनडे वर्ल्ड कप में नहीं खेल पाए थे. उन्होंने बताया कि पाकिस्तानी टीम में असुरक्षा का माहौल काफी गहरा गया है. सीनियर खिलाड़ी थके होने के बावजूद ब्रेक नहीं लेते हैं. उन्हें डर है कि कोई जूनियर प्लेयर उनकी जगह ले लेगा. नसीम ने कहा कि चोट के कारण वर्ल्ड कप टीम से बाहर होने पर उन्हें भी अपनी जगह गंवाने का डर था.
पाकिस्तानी तेज गेंदबाज शाह ने क्रिकविक से कहा, 'ईमानदारी से कहूं तो सीनियर प्लेयर शरीर को आराम देने से डरते हैं, जबकि वह ये भी जानते हैं कि उन्हें ब्रेक की जरूरत है. क्योंकि पाकिस्तान क्रिकेट का माहौल इस तरह से है कि अगर कोई नया खिलाड़ी आता है और एक या दो मैच में अच्छा प्रदर्शन करता है तो फिर आप नहीं जानते कि वह टीम में स्थायी तौर पर आपकी जगह ले लेगा.'
बाकी देशों में खिलाड़ी को विश्वास दिया जाता है
नसीम ने कहा, 'खिलाड़ियों को डर रहता है कि उनका करियर यहीं समाप्त हो सकता है, इसी डर के कारण खिलाड़ी आराम नहीं कर पाते हैं.' उन्होंने कहा, 'बाकी देशों में यदि किसी बड़े खिलाड़ी को आराम दिया जाता है तो उसे यह भी विश्वास दिया जाता है कि अगर उनकी जगह चुना गया खिलाड़ी एक या दो मैच में अच्छा प्रदर्शन करेगा, तब भी उन्हें टीम से बाहर नहीं किया जाएगा.'
इन सबके बीच नसीम ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड में भी कुछ सुधार के लिए सुझाव दिया है. उन्होंने कहा कि सीनियर खिलाड़ियों, टीम मैनेजमेंट, चयनकर्ताओं और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के बीच स्पष्टता और बेहतर संवाद स्थापित करने की जरूरत है.