Valentine's Day Special: 14 फरवरी का दिन क्रिकेट के इतिहास में इंग्लैंड के प्यार नहीं, पराक्रम को याद दिलाता है. 129 साल पहले आज ही के दिन 1896 में इंग्लैंड ने दक्षिण अफ्रीका को उसके घर में बेरहमी से रौंद डाला था और उसके Valentine's Day को सदमे में तब्दील कर दिया था. 13 फरवरी को शुरू हुए पोर्ट एलिजाबेथ टेस्ट (अब गक्बेरहा) को अंग्रेजों ने अगले ही दिन 14 फरवरी को 288 रनों से जीत लिया. सच तो यह है कि इस खास दिन के मौके पर इंग्लैंड ने साउथ अफ्रीका को महज 30 रनों पर ढेर कर तहलका मचा दिया था.
दरअसल, इंग्लैंड ने साउथ अफ्रीका दौरे में तीन टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला टेस्ट दो दिनों में ही जीत लिया था. मैच के पहले ही दिन इंग्लैंड की पहली पारी 185 रनों पर सिमट गई. इसी दिन साउथ अफ्रीका की भी पारी 93 रनों पर ढेर हो गई.
मैच के दूसरे दिन इंग्लैंड ने अपनी दूसरी पारी में 226 रन बनाए और इसके बाद 319 रनों के लक्ष्य के आगे साउथ अफ्रीका की दूसरी पारी उसी दिन सिर्फ 30 रनों पर लुढ़क गई और इंग्लैंड ने यह टेस्ट 288 रनों से जीत लिया.
30 रन आज भी साउथ अफ्रीका का न्यूनतम टेस्ट स्कोर है. इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जॉर्ज लोहमैन की कहर बरपाती गेंदें इसके लिए जिम्मेवार रहीं. उन्होंने 7 रन देकर हैट्रिक सहित 8 विकेट चटकाए. और पूरे मैच में 45 रन देकर 15 विकेट झटके.
इतना ही नहीं, 28 साल बाद 1924 में एक बार फिर इंग्लैंड ने साउथ अफ्रीका को 30 रनों पर ऑल आउट किया था. यानी साउथ अफ्रीकी टीम टेस्ट क्रिकेट में दो बार 30 रनों पर आउट हुई, वो भी एक ही प्रतिद्वंद्वी इंग्लैंड के खिलाफ. टेस्ट क्रिकेट का यह न्यूनतम स्कोर साल 1955 तक रहा. इस साल न्यूजीलैंड को इंग्लैंड ने 26 रनों पर समेट दिया था, जो आज भी सबसे कम स्कोर का रिकॉर्ड है.
टेस्ट क्रिकेट में न्यूनतम स्कोर
1. 26 रन, न्यूजीलैंड विरुद्ध इंग्लैंड -1955 (ऑकलैंड)
2. 30 रन, साउथ अफ्रीका विरुद्ध इंग्लैंड- 1896 (Gqeberha-
पोर्ट एलिजाबेथ)
- 30 रन, साउथ अफ्रीका विरुद्ध इंग्लैंड- 1924 (बर्मिंघम)
3. 35 रन, साउथ अफ्रीका विरुद्ध इंग्लैंड- 1899 (केपटाउन)
4. 36 रन, साउथ अफ्रीका विरुद्ध ऑस्ट्रेलिया- 1932 (मेलबर्न)
- 36 रन, ऑस्ट्रेलिया विरुद्ध इंग्लैंड- 1902 (बर्मिंघम)
- 36 रन, भारत विरुद्ध ऑस्ट्रेलिया- 2020 (एडिलेड)