क्रिकेट के इतिहास में 14 अगस्त खास स्थान रखता है. यह तारीख दो दिग्गजों से जुड़ा हुआ है. इसी दिन एक का 'अवसान' और दूसरे का 'उत्थान' हुआ. संयोग यह भी है कि ये दोनों वाकए इंग्लैंड में हुए. 1948 में आज ही के दिन डॉन ब्रैडमैन ओवल में अपनी आखिरी टेस्ट पारी में 'शून्य' पर बोल्ड हुए. दूसरी तरफ आज ही के दिन मैनचेस्टर में सचिन तेंदुलकर ने अपना पहला टेस्ट शतक जमाया.
14 अगस्त 1948: ब्रैडमैन की अंतिम पारी में शून्य
आखिट टेस्ट पारी में अपने करियर एवरेज को 100 तक ले जाने के लिए ब्रैडमैन को सिर्फ चार रनों की जरूरत थी. इंग्लैंड के विरुद्ध उस टेस्ट में ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज महज दो गेंदें ही खेल पाए. उन्हें एरिक होलीज ने बोल्ड किया था. उनके रिकॉर्ड पर नजर डालें, तो उन्होंने 52 टेस्ट में 99.94 की औसत से 6996 रन बनाए.
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14 अगस्त 1990 : सचिन का पहला टेस्ट शतक
सचिन तेंदुलकर ने 17 साल की उम्र में अपना पहला टेस्ट शतक लगाया था. यह शतक उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच में मैनचेस्टर में लगाया था. यह सचिन का नौवां टेस्ट मैच था और इसमें उन्होंने नाबाद 119 रन बनाए थे. इस मैच की खास बात ये थी कि इसमें वे अपने आदर्श सुनील गावस्कर के पैड पहनकर खेल रहे थे. इसी के बाद सचिन की सेंचुरी का सफर चल पड़ा जो 51 तक गया.
#OnThisDay in 1990, a 17-year-old Sachin Tendulkar hit his maiden Test hundred and the rest is history ...
Which is your favourite 💯 from the Master Blaster? pic.twitter.com/SPwjYhEUrM
— ICC (@ICC) August 14, 2020
क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा झटका!
इंग्लैंड का एक ऐसा लेग स्पिनर (एरिक होलीज), जिसका करियर महज 13 टेस्ट मैचों का रहा, लेकिन अपने सातवें टेस्ट में उसने ऐसा कारनामा किया, जिसकी वजह से आज भी इस गेंदबाज को याद किया जाता है. होलीज ने महान ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज डॉन ब्रैडमैन को इतिहास रचने से रोक दिया था.
जब एरिक होलीज ने ब्रैडमैन को रोका
एरिक की वजह से ब्रैडमैन 100 की जादुई औसत को छूने से चूक गए थे. ब्रैडमैन को अपने आखिरी टेस्ट मैच में तीन अंकों का करिश्माई एवरेज हासिल करने के लिए महज 4 रनों की जरूरत थी, लेकिन एरिक ने उन्हें 'शून्य' पर बोल्ड कर दिया, जिसे क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा झटका माना जाता है.
100 का एवरेज चूके गए डॉन ब्रैडमैन
बात उन दिनों की है, जब ऑस्ट्रेलियाई टीम 1948 में पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेलने के लिए इंग्लैंड दौर पर थी. सीरीज का अंतिम टेस्ट ओवल में खेला गया. उस टेस्ट मैच में सारी निगाहें ब्रैडमैन पर थीं, जिन्हें 100 की औसत हासिल करने के लिए सिर्फ 4 रनों की दरकार थी.
14 अगस्त (1948) को टेस्ट मैच के पहले ही दिन इंग्लैंड की पारी 52 रनों पर सिमट गई. जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने जोरदार शुरुआत की और 117 रनों पर पहला विकेट गिरा, लेकिन इसके बाद जो हुआ उसके लिए कोई क्रिकेट प्रशंसक तैयार नहीं था.
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...और दूसरी ही गेंद पर बोल्ड हो गए
ब्रैडमैन स्ट्राइक पर थे. गेंद एरिक होलीज के पास थी, जिनके पास टेस्ट खेलने का ज्यादा अनुभव नहीं था. ब्रैडमैन ने पहली गेंद को सिली मिड-ऑफ की ओर खेल दिया. एरिक ने दूसरी गेंद गुगली डाली, जिसे ब्रैडमैन समझ नहीं पाए और बोल्ड हो गए.
यानी एरिक ने दो गेंदों में ब्रैडमैन का खेल खत्म कर दिया. इंग्लैंड ने वह टेस्ट पारी से गंवाया था, इसलिए ब्रैडमैन को दूसरी पारी में उतरने का मौका नहीं मिला. आखिरकार 52 टेस्ट मैचों के टेस्ट करियर में ब्रैडमैन का एवरेज 99.94 ही रहा. और वह चार रन से 7000 रन पूरे करने से भी चूक गए.