Sanju Samson's lack of form: संजू सैमसन इंग्लैंड के खिलाफ हाल में संपन्न हुई 5 मैच की सीरीज में 51 रन ही बना सके. इस दौरान वह इंग्लैंड की तेज गति और शॉर्ट पिच गेंदों के सामने जूझते नजर आए. पूर्व स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने टी20 के स्टार बल्लेबाज सैमसन के खराब फॉर्म पर चिंता जताई है.
अश्विन ने कहा है कि अगर उन्हें मौजूदा मुश्किल स्थिति से बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं मिला तो उनके दिमाग पर नकारात्मक पक्ष हावी हो जाएगा और वह उनके साथ चालें चलना शुरू कर देगा. 30 साल के संजू दाहिनी तर्जनी (index finger) में फ्रैक्चर के कारण एक महीने तक प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से बाहर रहेंगे.
अश्विन ने कहा, ‘अगर एक बल्लेबाज के तौर पर संजू इसी तरह आउट होते रहे तो उनका दिमाग ही उनके साथ चालें चलना शुरू कर देगा.’ उन्होंने कहा, ‘आपका दिमाग आपको यह सोचने के लिए मजबूर कर देगा कि गेंदबाज एक निश्चित तरीके से गेंदबाजी कर रहा है और मैं इस तरह से आउट हो रहा हूं. क्या गेंदबाज अच्छी गेंदबाजी कर रहा है या क्या मुझमें कोई कमी है? क्या मैं इससे सामंजस्य बिठा पाऊंगा? एक बार जब मन में इतने सारे सवाल उठने लग जाते हैं तो मुश्किलें बढ़ जाते हैं.’
खराब फॉर्म से जूझ रहे सूर्यकुमार को भी सलाह दी
अश्विन ने वन डे टीम से बाहर चल रहे टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव के खराब फॉर्म पर भी चिंता व्यक्ति की और उन्हें अपना दृष्टिकोण बदलने की सलाह दी. सूर्यकुमार इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैच में केवल 28 रन ही बना सके. अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, ‘मैं समझ सकता हूं कि यह एक या दो मैचों में ऐसा हो रहा है, लेकिन यह काफी आश्चर्यजनक है.'
उन्होंने कहा, ‘आपको खुलकर खेलना चाहिए, लेकिन जब आपको पता होगा कि आप पर एक निश्चित तरीके से आक्रमण किया जा रहा है तो इस तरह की गेंदों को खेलने के लिए आपका एक अलग दृष्टिकोण होना चाहिए या बस उससे बचना चाहिए. आपको गेंदबाज को अपने मजबूत पक्ष के साथ गेंदबाजी करने के लिए मजबूर करना चाहिए.’
अश्विन ने कहा, ‘सूर्यकुमार यादव बेहद अनुभवी खिलाड़ी हैं. वह बेहद क्षमतावान खिलाड़ी हैं और कोई भी कह सकता है कि वह भारतीय बल्लेबाजी में बदलाव लेकर आए और उन्होंने एक रास्ता दिखाया. लेकिन अब समय आ गया है कि वह कुछ समय निकालें और अपना दृष्टिकोण बदलें.’
अश्विन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लगातार संघर्ष करने वाले सैमसन को यह सुनिश्चित करने की सलाह दी जिससे कि उनके मन में किसी तरह का संदेह अपनी पैठ नहीं बना सके. उन्होंने इस संदर्भ में हाल में बीसीसीआई पुरस्कार समारोह के दौरान सचिन तेंदुलकर की सलाह का जिक्र किया.
उन्होंने कहा, ‘सचिन तेंदुलकर ने भी बीसीसीआई पुरस्कार समारोह के दौरान कहा था कि अपने मन में किसी तरह के संदेह को पैठ नहीं बनाने दें क्योंकि ऐसा होने पर बल्लेबाजी करना बेहद मुश्किल हो जाएगा. ’