भारतीय क्रिकेट टीम को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-3 से हार का सामना करना पड़ा था. इस हार के चलते टीम इंडिया ने 10 साल बाद बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी (BGT) गंवा दी थी. साथ ही भारतीय टीम वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) के मौजूदा चक्र में फाइनल की रेस से भी बाहर हो गई थी. अब WTC फाइनल साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला 11-15 जून के दौरान क्रिकेट के मक्का लॉर्ड्स में खेला जाएगा.
रोहित संन्यास लेना चाहते थे, फिर इस वजह से लिया यू-टर्न
ऑस्ट्रेलिया दौरे पर कप्तान रोहित शर्मा का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था और वो पांच पारियों में 6.20 की औसत से सिर्फ 31 रन बना सके थे. खराब फॉर्म के चलते कप्तान रोहित शर्मा ने सिडनी टेस्ट से बाहर रहने का फैसला किया था. उनकी अनुपस्थिति में जसप्रीत बुमराह ने कप्तानी की थी. हालांकि उनके बाहर रहने के बावजूद भारत ने सिडनी टेस्ट को भी गंवा दिया था.
अब एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रोहित शर्मा मेलबर्न टेस्ट के बाद रिटायरमेंट लेना चाहते थे, लेकिन शुभचिंतकों ने उन्हें मनाया. जिसके बाद रोहित ने संन्यास लेने का फैसला टाल दिया. एक सूत्र ने TOI से कहा, 'रोहित ने एमसीजी टेस्ट के बाद संन्यास लेने का मन बना लिया था. अगर शुभचिंतकों ने उन्हें ऐसा करने से रोका नहीं होता, तो हम ऑस्ट्रेलिया में एक और भारतीय खिलाड़ी का संन्यास देख सकते थे.'
पांच पारियों में सिर्फ 31 रन और बतौर कप्तान पिछले छह टेस्ट में छह हार के चलते, रोहित शर्मा ने संन्यास लेने का मन बना लिया था. हालांकि, नए साल में सिडनी टेस्ट से पहले उनका मन बदल गया. रिपोर्ट में ये भी कहा गया कि रोहित ने संन्यास लेने का मन बदला तो टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर नाराज हो गए थे.
इन सबके बीच सिडनी टेस्ट के दौरान रोहित शर्मा ने ब्रॉडकास्टर स्टार स्पोर्ट्स से बात की थी. इस दौरान रोहित ने साफ कर दिया था कि वो अभी रिटायरमेंट नहीं ले रहे हैं. रोहित ने कहा था, 'मैं जल्द रिटायर नहीं होने वाला हूं. मैंने सिर्फ इसलिए इस मुकाबले से हटने का फैसला किया क्योंकि रन नहीं बन रहे थे. मैं कड़ी मेहनत करूंगा और कमबैक करूंगा. अभी रन नहीं बन रहे हैं, लेकिन इस बात की गारंटी नहीं है कि 5 महीने बाद भी रन नहीं बनेंगे.'
हिटमैन ने कहा था- मैंने इस टेस्ट से हटने का फैसला किया है, लेकिन मैं कहीं नहीं जा रहा हूं. यह रिटायरमेंट या फॉर्मेट से दूर जाने का फैसला नहीं है. माइक, पेन या लैपटॉप वाला कोई भी व्यक्ति क्या लिखता या बोलता है, उससे हमारा लाइफ चेंज नहीं होता. हमने इतने साल से ये गेम खेला है. ये लोग नहीं फैसला कर सकते कि हम कब रिटायर हों या हम कब नहीं खेलें. सेंसिबल आदमी हूं, मैच्योर आदमी हूं, दो बच्चे का बाप हूं, तो मेरे पास थोड़ा सा दिमाग है कि लाइफ में क्या चाहिए.'
रोहित ने इस दौरान गौतम गंभीर पर कहा था, 'सेलेक्टर और हेड कोच से मेरी बात हुई. मैंने ही उनको बताया कि सिडनी का मुकाबला टीम के लिए बेहद अहम है. यह निर्णय लेना कठिन था, लेकिन मैंने सोचा कि इनफॉर्म प्लेयर खेलें.' रोहित ने इस दौरान यह बात भी कही कि सिडनी में आकर ही उन्होंने पांचवें टेस्ट से बाहर रहने का फैसला किया क्योंकि न्यू ईयर पर इस बारे में टीम को नहीं बताना चाहते थे.'
सिडनी टेस्ट के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में गौतम गंभीर से रोहित और विराट के रिटायरमेंट से जुड़ा सवाल पूछा गया था. इस पर गंभीर ने कहा था, 'मैं किसी भी खिलाड़ी के फ्यूचर पर टिप्पणी नहीं कर सकता, यह उन पर निर्भर है. उनमें भूख और प्रतिबद्धता है. उम्मीद है कि वे भारतीय क्रिकेट को आगे ले जाने के लिए वह सब कुछ करेंगे जो वे कर सकते हैं. ट्रांजिशन के बारे में बात करना जल्दबाजी होगी, पता नहीं 5 महीने बाद हम कहां होंगे. हर शख्स देश के लिए खेलने की अपनी भूख और जुनून से वाकिफ है. यह मेरी या आपकी टीम नहीं है, यह देश की टीम है. हमारे ड्रेसिंग रूम में ईमानदार लोग हैं, जो जानते हैं कि उनके योगदान से टीम को कितना फायदा हो सकता है.'