बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी (BGT) 2024-25 में भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया के हाथों 1-3 से हार का सामना करना पड़ा. इस हार के चलते भारतीय टीम ने वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) के फाइनल में पहुंचने का मौका भी गंवा दिया. अब WTC फाइनल में ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका की भिड़ंत होगी.
शुभमन को लेकर इस क्रिकेटर का अटपटा बयान
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज शुभमन गिल ने निराशाजनक प्रदर्शन किया, जिसके चलते वो आलोचकों के निशाने पर आ गए हैं. शुभमन ने इस सीरीज में कुल 5 पारियों में 18.60 की औसत से 93 रन बनाए, जो नंबर-3 बल्लेबाज के लिए काफी औसत प्रदर्शन था.
शुभमन गिल और टीम इंडिया के सेलेक्शन को लेकर अब पूर्व क्रिकेटर सुब्रमण्यम बद्रीनाथ का हैरतअंगेज बयान सामने आया है. बद्रीनाथ ने भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) पर टीम सेलेक्शन में क्षेत्रीय भेदभाव का भी आरोप लगा दिया. बद्रीनाथ ने शुभमन की आलोचना करते हुए कहा कि अगर वो तमिलनाडु से होते तो उन्हें टीम से बाहर कर दिया जाता.
बद्रीनाथ ने स्टार स्पोर्ट्स तमिल से कहा, 'शुभमन गिल तमिलनाडु से होते, तो उन्हें टीम से बाहर कर दिया जाता. मेरे लिए यह देखना बहुत मुश्किल है. उस लेवल पर, वह उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे हैं.' बद्रीनाथ के अनुसार शुभमन को इसलिए टीम में रखा गया है क्योंकि वो उत्तर भारत से हैं.
बद्रीनाथ ने आगे कहा, 'अगर आप रन नहीं बना सकते, तो कम से कम इंटेंट और आक्रामकता दिखाएं. मैं चाहता था कि वह गेंदबाजों को थकाएं और बॉल को पुराना करें. साथी खिलाड़ियों की मदद करें और रन नहीं बनने पर भी डटे रहें. 100 गेंदें खेलें और गेंदबाजों को थका दें. लाबुशेन और मैकस्वीनी ने कुछ मैचों में ऐसा किया.'
बद्रीनाथ कहते हैं, 'आपको वहां जाकर यह नहीं कहना चाहिए कि अरे, मैं इस तरह से खेलता हूं. मैं खड़ा रहूंगा और परफॉर्म करूंगा. चार लोग आपके बारे में लिखेंगे. आप उस समय जो भी कर सकते हैं, आपको करना चाहिए. इस सीरीज में, मुझे शुभमन से वह नहीं मिला. मैदान पर उनकी फील्डिंग औसत थी, वह स्लिप और पॉइंट में नहीं टिक सके. वह टीम में क्या योगदान देते हैं?'
ऐसा रहा बद्रीनाथ का इंटरनेशनल रिकॉर्ड
बता दें कि 44 साल के सुब्रमण्यम बद्रीनाथ ने भारत के लिए 2 टेस्ट, 7 वनडे और 1 टी20 मैच खेला. इस दौरान टेस्ट में 63, ओडीआई में 79 और टी20 इंटरनेशनल में 43 रन बनाए. बद्रीनाथ का फर्स्ट क्लास करियर शानदार रहा, जिन्होंने 145 मैचों में 54.49 की औसत से 10245 रन बनाए. बद्रीनाथ ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 32 शतक और 45 अर्धशतक जमाए.