भारत के पूर्व दिग्गज क्रिकेट खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर को 2015 विश्व कप का एंबेसडर बनाया गया है. अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने सोमवार को यह घोषणा की. यह लगातार दूसरी बार है जब सचिन को आईसीसी के इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का एंबेसडर बनाया गया है. इससे पहले 2011 में भारत, बांग्लादेश और श्रीलंका द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किए गए विश्व कप टूर्नामेंट के लिए भी उन्हें एंबेसडर नियुक्त किया था.
We are delighted to announce @sachin_rt is the ICC @cricketworldcup 2015 Ambassador http://t.co/xQ5ZEER6wS #cwc15 pic.twitter.com/iwDJgw0Jcf
— ICC (@ICC) December 22, 2014
विश्व कप (2015) के एंबेसडर के तौर पर सचिन इस टूर्नामेंट के प्रचार-प्रसार सहित कई ऐसी पहल को अपना समर्थन देंगे, जो इसे और आकर्षक बनाएगा. आईसीसी क्रिकेट विश्व कप दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा खेल आयोजन है. यह टूर्नामेंट 14 फरवरी से 29 मार्च के बीच आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में संयुक्त रूप से आयोजित होना है.
सचिन ने 200 टेस्ट और 463 एकदिवसीय खेलने के बाद पिछले ही साल अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया. इस दौरान उन्होंने 24 वर्ष के अपने लंबे करियर में कुल 34,357 रन सहित 100 शतक लगाए.
सचिन के नाम विश्व कप में भी सर्वाधिक रन बनाने का रिकॉर्ड है. सचिन ने विश्व कप में खेले 45 मैचों में 56.95 की औसत से 2,278 रन बनाए. विश्व कप 2003 में वह 673 रनों के साथ टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुने गए. भारत इस विश्व कप में उपविजेता, जबकि ऑस्ट्रेलिया चैम्पियन बन कर उभरा था. खुद को विश्व कप के एंबेसडर के रूप में नियुक्त किए जाने पर सचिन ने कहा, 'लगातार दूसरी बार एंबेसडर बनाए जाने पर मैं बेहद खुश और सम्मानित महसूस कर रहा हूं. लगातार छह विश्व कप खेलने के बाद यह मेरे लिए अलग अनुभव होगा, क्योंकि मैं इसमें हिस्सा नहीं ले सकूंगा. यह मेरे लिए 1987 के विश्व कप की तरह होगा, जब मैंने बॉल ब्वॉय की भूमिका निभाई थी.'
आईसीसी के मुख्य कार्यकारी डेविड रिचर्डसन ने भी सचिन के बतौर एंबेसडर विश्व कप से जुड़ने पर खुशी जताई.
विश्व कप 14 फरवरी से शुरू हो रहा है, जहां क्राइस्टचर्च में मेजबान न्यूजीलैंड पूर्व चैम्पियन श्रीलंका से भिड़ेगा. वहीं, इसी दिन मेलबर्न में चार बार के चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया का मुकाबला इंग्लैंड से होगा. गौरतलब है कि 1992 में जब आखिरी बार ऑस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड में विश्व कप आयोजित हुआ था तब इंग्लैंड फाइनल में पहुंचने में कामयाब रहा था.
- इनपुट IANS