इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में खेलने की उत्सुकता ने आईसीसी वर्ल्ड कप-2019 में दक्षिण अफ्रीका का बेड़ा गर्क किया. यही कारण है कि यह टीम निराशाजनक तौर पर वर्ल्ड कप से असमय बाहर होने पर मजबूर हुई. भारत, बांग्लादेश और इंग्लैंड से हारने के बाद फाफ डु प्लेसिस की टीम को रविवार को पाकिस्तान के खिलाफ भी हार मिली और इसी के साथ उसका सफर समाप्त हो गया.
सीएसए चाहता था वर्ल्ड कप की विशेष तैयारी करें प्लेयर
क्रिकेट साउथ अफ्रीका चाहता था कि उसके खिलाड़ी वर्ल्ड कप के लिए अलग से विशेष तैयारी करें, लेकिन कप्तान डु प्लेसिस सहित कई प्रमुख खिलाड़ी आईपीएल में खेलकर पैसा कमाने के लिए ज्यादा उत्सुक थे. इस संबंध में सीएसए की टीम प्रबंधन के साथ एक मीटिंग भी हुई थी, जिसमें खिलाड़ियों को आईपीएल के लिए रिलीज करने या नहीं करने पर चर्चा हुई थी.
खिलाड़ियों ने जाहिर की थी आईपीएल खेलने की इच्छा
सीएसए के एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया 'सीईओ ताबांग मूरो, अध्यक्ष क्रिस नेंजानी और कोच ओटिस गिब्सन ने आईपीएल के लिए खिलाड़ियों को रिलीज करने को लेकर एक मीटिंग की थी. यह मीटिंग श्रीलंका दौरे के दौरान हुई थी. मुझे नहीं पता कि टीम प्रबंधन भी यही चाहता था कि खिलाड़ी वर्ल्ड कप की तैयारी के लिए समय से पहले लौट आएं, लेकिन सीईओ और अध्यक्ष इसके पक्ष में थे. खिलाड़ियों ने हालांकि आईपीएल में खेलने की पूरी इच्छा जाहिर की थी.'
चोट के बाद रबाडा को लौटने के लिए कहा गया था
आईपीएल के बीच में कैगिसो रबाडा को चोट लगी तो उन्हें सामान पैक करके स्वदेश लौटने को कहा गया, जिससे कि वह वर्ल्ड कप के लिए तरोताजा हो सकें, लेकिन रबाडा इसके बावजूद वर्ल्ड में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके क्योंकि उनके हिस्से सिर्फ 6 विकेट आए.
कप्तान बोले- इंसाफ नहीं कर सके
पाकिस्तान के साथ हुए मैच के बाद प्लेसिस ने माना कि उनकी टीम ने अपनी क्षमता के साथ न्याय नहीं किया. प्लेसिस ने कहा 'हम अच्छा नहीं खेले. हमने इस टूर्नामेंट में अब तक गेंद के साथ अच्छा प्रदर्शन किया था, लेकिन आज हम उसमें भी नाकाम रहे. साथ ही हमारी बल्लेबाजी भी नहीं चली. कुल मिलाकर एक टीम के तौर पर हम अपनी काबिलियत के साथ इंसाफ नहीं कर सके. हमारे लिए यही सबसे बड़ी नाकामी रही.'