उन्होंने कहा, 'आईपीएल अनुबंध से मुझे रिलीज करने के समझौते के तहत हैदराबाद सनराइजर्स को टूर्नामेंट के अंतिम दौर में मुझे वापस बुलाने का अधिकार है, इसलिए उनके अनुरोध पर मैं शुक्रवार को भारत जाऊंगा. इससे मुझे ठीक होने का और यह आकलन करने का मौका मिलेगा कि मैं आगे क्या करूं. मुझे बहुत अफसोस है कि मैं इंग्लैंड की शर्ट नहीं पहन पाऊंगा.'
लीग मैचों की अंक तालिका में शीर्ष चार टीमों में शामिल सनराइजर्स प्लेऑफ में जगह बनाने की होड़ में शामिल है. टीम प्रबंधन ने पीटरसन की वापसी को लेकर कोई प्रतिबद्धता नहीं जताई है, लेकिन इसमें कोई शक नहीं है कि डेविड वार्नर के नेतृत्व वाली टीम पीटरसन को अपना हिस्सा बनाने के लिए आतुर होगी.
गौरतलब है कि सनराइजर्स आईपीएल-8 से पहले बेंगलूरू में हुई नीलामी में पीटरसन के लिए दो करोड़ रुपये देने पर सहमत हुआ था, लेकिन पीटरसन ने इंग्लैंड टीम में वापसी के उद्देश्य से काउंटी क्रिकेट में खेलने के लिए उनके साथ समझौता किया. वह अब सनराइजर्स के लिए खेलना चाहते हैं.
पीटरसन आईपीएल-8 के प्लेऑफ की दौड़ शुरू होने के साथ ही हैदराबाद सनराइजर्स टीम का हिस्सा बनने के लिए तैयार हैं.
इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज एशेज से पहले राष्ट्रीय टीम में वापसी की उम्मीद कर रहे थे. खासकर सरे की तरफ से काउंटी क्रिकेट में लीसेस्टरसर के खिलाफ तिहरा शतक लगाने के बाद उनकी उम्मीदें बढ़ गयी थीं लेकिन ईसीबी के नए निदेशक एंड्रयू स्ट्रॉस ने ‘अविश्वास’ का हवाला देते हुए पीटरसन की वापसी की संभावनाएं खारिज कर दीं.
इंग्लिश क्रिकेट के निदेशक बनने के बाद अपनी पहली प्रेस कांफ्रेंस में स्ट्रास ने तमाम अटकलों को खत्म करते हुए कहा था कि उनके पूर्व साथी पीटरसन की अंतराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी का कोई रास्ता नहीं बचा है. हालांकि साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि उन पर किसी तरह का प्रतिबंध नहीं लगाया गया है, लेकिन वे पीटरसन को भविष्य के बारे में किसी तरह का आश्वासन नहीं दे सकते हैं.
पीटरसन ने कहा कि उन्हें यह बताकर ‘गुमराह’ किया गया कि उनके पास इंग्लैंड की टीम में वापसी करने का मौका है और उन्हें लगता है कि ईसीबी ने उनके साथ ‘विश्वासघात’ किया.