विश्व कप फाइनल हारने के बाद स्वदेश लौटी क्रोएशियाई टीम का नायकों की तरह स्वागत किया गया. खिलाड़ियों की एक झलक पाने के लिए हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उमड़े थे.
खिलाड़ी अपने प्रशंसकों के लिए राजधानी जगरेब में खुली बस में लगभग पांच घंटे तक घूमते रहे. फीफा विश्व कप के फाइनल में भले ही क्रोएशिया की टीम खिताबी जीत हासिल न कर पाई हो, लेकिन उसने अपने प्रशसंकों के दिलों में एक खास जगह बना ली है.
राजधानी के बीच बने चौक पर एक लाख से अधिक लोग जमा थे. कप्तान और विश्व कप गोल्डन बॉल विजेता लुका मोडरिक की अगुवाई में खिलाड़ियों का खुली बस में जुलूस निकाला गया.
लोगों ने हाथ में राष्ट्रध्वज और बैनर थाम रखे थे. एक बैनर पर लिखा था,‘ हमें यही क्रोएशिया पसंद है. हम जनसंख्या में कम हैं, लेकिन काफी हैं.’
कई लोग तो काम छोड़कर सड़कों पर जमा थे. टीम का विमान उतरने पर लोकप्रिय गीत ‘ प्ले ऑन माय क्रोएशिया, वेन आय सी यू माय हार्ट इज ऑन फायर’ गूंज उठा.
टीम के कप्तान और रियल मैड्रिड के खिलाड़ी मोडरिक ने कहा, 'हमने अपने सपने को साकार किया है.' लोग इवान राकिटिक के नाम को बार-बार ले रहे थे. बार्सिलोना के मिडफील्डर ने कहा, 'इस भावना को दर्शा पाना असंभव है.'
फ्रांस ने रविवार रात मॉस्को के लुज्निकी स्टेडियम में खेले गए विश्व कप के
फाइनल में क्रोएशिया को 4-2 से मात देकर दूसरी बार फीफा विश्व कप का खिताब
जीता है. इससे पहले फ्रांस ने 1998 में विश्व विजेता का तमगा हासिल किया
था.