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लोगों के हुजूम के बावजूद वर्ल्ड कप से बीयर उद्योग को ‘मामूली फायदा’

‘बढ़ती हुई मांग से केवल इस समय के दौरान ही असर पड़ेगा, लेकिन सालाना ट्रेंड में कोई बदलाव नहीं होगा.’

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स्वीडन टीम का फैन (getty)
स्वीडन टीम का फैन (getty)

दुनियाभर के फुटबॉल प्रशंसक वर्ल्ड कप देखने के लिए रूस पहुंच रहे हैं. इस महाकुंभ का खुमार चरम की ओर बढ़ रहा है. बार, बीयर गार्डन्स और क्राफ्ट बीयर पब्स में लोगों को हुजूम बढ़ता जा रहा है.

लेकिन, बिक्री में बढ़ोतरी का रूस के बीयर उद्योग पर ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ेगा, जहां पिछले कई वर्षों में इसकी खपत कम होती जा रही है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार सालाना अल्कोहल खपत के मामले में रूस 14वें नंबर पर है.

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विश्व कप से भले ही बीयर की बिक्री में बढ़ोतरी हो, लेकिन रूस की नंबर एक ब्रांड बाल्टिका के सीनियर डेवलपमेंट निदेशक का कहना है, ‘बढ़ती हुई मांग से केवल इस समय के दौरान ही असर पड़ेगा, लेकिन सालाना ट्रेंड में कोई बदलाव नहीं होगा.’

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जापान की बीयर बनाने वाली कंपनी किरिन द्वारा 2016 में कराए गए सर्वे के अनुसार वोदका ‘सोशल लाइफ’ में ज्यादा बड़ी भूमिका निभा रहा है जिसमें बीयर खपत के मामले में रूस 32 वें स्थान पर है.

बिक्री एवं विज्ञापन पर लगी रोक के कदम से रूसी लोग 2000 के शुरू की तुलना में अब कम बीयर पी रहे हैं. बीयर पर कर भी काफी ज्यादा लगता है. वहीं, 2011 के बाद बीयर को ‘सॉफ्ट ड्रिंक’ के बजाय ‘अल्कोहल ड्रिंक’ करार कर दिया गया. इसके बाद से रात में इसकी बिक्री पर प्रतिबंध लग गया.

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