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Sikh Footballer Patka Controversy: स्पेन में सिख प्लेयर का पटका उतरवाने पर अड़ा रेफरी, पूरी टीम ने छोड़ दिया मैच

स्पेन में एक फुटबॉल मैच के दौरान एक ऐसा विवाद सामने आया, जिसने खेल जगत में एक बड़े विवाद का रूप ले लिया है. मैच में एक 15 साल के सिख खिलाड़ी से उसका पटका उतारने के लिए कहा गया. इसके बाद साथी खिलाड़ी और स्टाफ ने अपने सिख प्लेयर का साथ दिया और मैच ही खेलने से इनकार कर दिया.

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15 साल के सिख प्लेयर गुरप्रीत सिंह. (Instagram/sikhexpo)
15 साल के सिख प्लेयर गुरप्रीत सिंह. (Instagram/sikhexpo)

Sikh Footballer Patka Controversy: स्पेन में एक फुटबॉल मैच के दौरान एक ऐसा विवाद सामने आया, जिसने खेल जगत में एक बड़े विवाद का रूप ले लिया है. मैच में एक 15 साल के सिख खिलाड़ी से उसका पटका उतारने के लिए कहा गया. इसके बाद साथी खिलाड़ी और स्टाफ ने अपने सिख प्लेयर का साथ दिया और मैच ही खेलने से इनकार कर दिया.

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दरअसल, स्पेन के घरेलू टूर्नामेंट में Arratia C और Padura de Arrigorriaga टीम के बीच मैच खेला गया था. इस मैच में अरातिया सी टीम के 15 साल के सिख प्लेयर गुरप्रीत सिंह भी खेल रहे थे. 

विपक्षी टीम ने गुरप्रीत का साथ दिया

मगर मैच में रेफरी ने नियम का हवाला देते हुए गुरप्रीत सिंह से उनका पटका उतारने के लिए कहा. गुरप्रीत ने पटका उतारने से इनकार कर दिया, तो रेफरी अपनी बात पर अड़ गया. इसी दौरान अरातिया टीम के खिलाड़ियों ने रेफरी को बताया कि यह पटका गुरप्रीत के धर्म से जुड़ा है. मगर रेफरी ने उनकी भी कोई बात नहीं मानी.

इतना ही नहीं, विपक्षी टीम Padura de Arrigorriaga के खिलाड़ियों ने भी गुरप्रीत सिंह का सपोर्ट किया. उन्होंने भी रेफरी को समझाया कि उसे इसी तरह खेलने दिया जाना चाहिए. मगर रेफरी ने दोनों ही टीम के खिलाड़ियों और स्टाफ की बात नहीं मानी. इसके बाद अरातिया टीम ने मैच ही खेलने से मना कर दिया.

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रेफरी अपनी बात पर अड़ा रहा

अरातिया के अध्यक्ष पेड्रो ओरमजाबल ने कहा, 'वह (गुरप्रीत) कम से कम 5 साल से सामान्य रूप से मैच खेल रहा है. हमें कभी भी ऐसा कोई परेशानी नहीं हुई. पूरा माहौल गुरप्रीत के लिए अपमानजनक ऐसा था. साथी खिलाड़ियों ने रेफरी को समझाया, लेकिन रेफरी सिर्फ नियमों पर ही जोर देता रहा और गुरप्रीत को खेलने की अनुमति नहीं दी.'

ओरमजाबल ने कहा, 'फिर साथी प्लेयर्स ने एकजुटता दिखाते हुए मैदान छोड़ने का फैसला किया. गुरप्रीत को विपक्षी टीम का भी सपोर्ट मिला, लेकिन रेफरी ने कोई बात ही नहीं सुनी.' बता दें कि फीफा के एक नियम के मुताबिक पुरुष फुटबॉल खिलाड़ी किसी मैच के दौरान पगड़ी पहन सकते हैं.

सोशल मीडिया पर भी रिएक्शन वायरल

इस मामले के बाद सोशल मीडिया पर भी कई तरह की प्रतिक्रिया सामने आ रही है. ज्यादातर ने गुरप्रीत का सपोर्ट किया. एक इंस्टाग्राम यूजर ने कहा, 'मुझे उम्मीद है कि रेफरी इस बारे में और जानने के लिए तैयार हैं. वह उतने जिद्दी नहीं हैं, जितना उन्होंने उस दिन प्रतिक्रिया दी थी. मगर मैं टीम की एकजुटता देखकर खुश हूं! बहुत सम्मान.' 

 

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