
हारते वो नहीं हैं जो गिरकर संभलना जानते हैं. इसे क्रोएशिया ने मैच दर मैच साबित करके दिखाया है. आप सभी जानते होंगे कि कतर में फीफा वर्ल्ड कप चल रहा है. सेमीफाइनल की टीमें तय हो गई हैं, इनमें एक क्रोएशिया भी है. ये टीम अभी तक इस टूर्नामेंट में एक भी मैच हारी नहीं है. बल्कि वह सभी मैच जीते हैं जिनमें विपक्षी टीम ने पहले गोल किया है.
39 लाख की आबादी वाले इस देश की फुटबॉल टीम को लेकर एक बात तो तय है कि वे लोग उलट परिस्थिति में भी लड़ना जानते हैं. और यही इस टीम को सबसे खास बनाती है. इस टीम के लिए आखिरी मिनट तक खास होता है. जब तक गेम चल रहा होता है एक पल के लिए भी ऐसा नहीं लगता है कि यह टीम मैच से बाहर है या इस टीम के हाथ से जीत निकल गई है.
ऐसा रहा है अब तक का सफर
पहले मैच में मोरक्को के साथ ड्रॉ खेलने के बाद टीम कनाडा से भिड़ी. यहां शुरुआती मिनटों में ही एक गोल से पिछड़ने के बाद क्रोएशिया ने जबरदस्त वापसी की और कनाडा को 4-1 से रौंद दिया. इसके बाद टीम ने बेल्जियम के साथ ड्रॉ खेला. जापान से मुकाबले में 1-0 से पिछड़ने के बाद क्रोएशिया ने एक बार फिर जबरदस्त वापसी की. फुल टाइम तक मैच 1-1 के बराबरी तक था. लेकिन पेनल्टी शूटआउट में क्रोएशिया ने जापान को 3-1 से हरा दिया.
इसके बाद बारी ब्राजील के मजबूत लाइन अप से टकराने की थी. क्रोएशिया इस मैच में भी ब्राजीली स्टार नेमार के गोल के बाद 1-0 से पिछड़ रही थी. लेकिन फिर इस टीम ने आखिरी मिनटों में गोल कर के मुकाबले को पेनल्टी शूटआउट तक ले गई. यहां ब्राजील को 4-2 से हरा दिया. अब बारी अर्जेंटीना से टकराने की है. कागजी तौर पर अर्जेंटीना मजबूत दिखती है. लेकिन क्रोएशिया के इस जज्बे को टक्कर देना अर्जेंटीना के लिए बहुत मुश्किल भरा होगा.
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शुरुआती सफलता के बाद करना पड़ा लंबा इंतजार
साल 1995 तक गृह युद्ध का दंश झेलने वाले इस देश ने अपना पहला ऑफिशियल मैच साल 1994 में एस्टोनिया के खिलाफ खेला था. खास बात ये भी है कि मौजूदा टीम में अधिकतर खिलाड़ी ऐसे हैं जो इस गृह युद्ध की आग के बीच ही पैदा हुए और आज इस मुकाम पर पहुंचे हैं कि दुनिया जीतना सिर्फ दो कदम दूर है. इस नवनिर्मित देश ने सबसे पहले साल 1996 के यूरो कप के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाकर सबको चौंका दिया था. इसके 2 साल बाद ही साल 1998 के फुटबॉल वर्ल्ड कप में यह देश सेमीफाइनल में पहली बार जगह बनाने में कामयाब हो गई थी.
तब डावर सुकर और ज्वोनिमिर बोबन जैसे खिलाड़ियों का बोलबाला था. तब क्रोएशिया नेशनल फुटबॉल टीम के कई खिलाड़ी यूरोप के बड़े-बड़े क्लबों के लिए खेला करते थे. हालांकि, यह शुरुआती सफलता ज्यादा दिनों तक नहीं टिकी. 20 साल तक इस टीम ने कुछ खास प्रदर्शन नहीं किए. लेकिन साल 2018 में वर्ल्ड कप जब क्रोएशिया खेलने उतरी तो पूरा विश्व देखता रह गया.
क्रोएशिया का सुनहरा दौर
निश्चित तौर पर क्रोएशिया फुटबॉल टीम के लिए यह एक सुनहार दौर है. साल 2018 के फीफा वर्ल्ड कप के फाइनल में जगह बनाने वाली लुका मोड्रिक की टीम इस बार भी कप उठाने की प्रबल दावेदार दिखती है. टीम ने मैच दर मैच खुद को साबित भी किया है. क्रोएशिया के लिए यह वर्ल्ड कप इसलिए भी काफी अहम है क्योंकि इस टीम को एक सूत्र में पिरोए रखने वाले कप्तान लुका मोड्रिक का यह आखिरी वर्ल्ड कप है.
37 साल के लुका मोड्रिक इस टीम की सबसे अहम कड़ी हैं. मिडफील्ड में उनका होना किसी भी टीम के लिए एक बड़ी बढ़त मानी जा सकती है. वह कभी फॉरवर्ड प्लेयर के साथ विपक्षी टीम के डिफेंस की धज्जियां उड़ाते दिखते हैं तो कभी अपनी डिफेंस के साथ मिलकर विरोध टीम के मजबूत अटैक का भी डटकर सामना करते हैं.
डैलिक की रणनीति ने क्रोएशिया को बनाया बेस्ट
अब आइए क्रोएशिया की पूरी टीम के बारे में जान लेते हैं. सबसे पहले बात कोच ज्लातको डैलिक की. साल 2017 में वह इस टीम से जुड़े थे. तब लुका मोड्रिक, इवान राकिटिक, मारियो मैन्जुकिक और डैनियल सुबासिक अपने पीक पर थे. मार्सेलो ब्रोजोविक, मैटेओ कोवासिक और इवान पेरिसिक जैसे थोड़े युवा खिलाड़ी भी निखर रहे थे. कोच डैलिक इन टैलेंट्स का शानदार इस्तेमाल किया और साल 2018 के वर्ल्ड कप में टीम को फाइनल में पहुंचाने में कामयाब रहा. एक बार फिर से अब तक डैलिक रणनीति काफी सफल साबित हुई है. क्रोएशिया की टीम 4-3-3 के फॉर्मेशन में खेलती है. यानी की 4 डिफेंडर, 3 मिडफील्डर और 3 फॉरवर्ड प्लेयर के साथ क्रोएशिया टीम मैदान में उतरती है.
गोलकीपर्स
क्रोएशिया के पास तीन गोलकीपर हैं. लेकिन अब तक कोच डैलिक ने डोमिनिक लिवाकोविक पर ही भरोसा जताया है. वह नेशनल टीम के अलावा क्रोएशिया के ही डिनमो जागरेब क्लब के लिए खेलते हैं. डोमिनिक ने अबतक कोच के फैसले को बिल्कुल सही साबित ठहराया है. खास बात यह है कि उन्होंने जापान और ब्राजील के खिलाफ पेनल्टी शूटआउट में भी पूरा दम खम दिखाया और अपनी टीम के लिए दीवार की तरह खड़े रहे. डोमिनिक के अलावा क्रोएशिया के लिए इविका आइव्युसिक और एटलेटिको मैड्रिड के इवो ग्रबिक भी विकल्पों के लिए मौजूद हैं.
डिफेंडर्स
राइटबैक पोजीशन से खेलने वाले जोसिप जुरानोविक, अब तक वर्ल्ड कप के हर मैच में टीम के लिए पहले मिनट से लेकर आखिरी मिनट तक फील्ड पर मौजूद रहे हैं. उनके अलावा डेजान लॉवलेन और 20 साल के जोस्को ग्वार्डिओल सेंटर बैक की भूमिका में कोच डैलिक की पहली पसंद दिखे हैं. बोर्ना सोसा भी सभी मैच में लेफ्ट बैक की भूमिका में दिखे हैं. इनके अलावा कोच डैलिक के पास ऑप्शन के लिए डोमगोज विदा, बोर्ना बारिसिक, जोसिप सुतालो, मार्टिन एर्लिक और जोसिप स्टेनिसिक मौजूद हैं.
मिडफील्डर्स
यह क्रोएशिया टीम की सबसे मजबूत कड़ी मानी जाती है. कप्तान लुका मोड्रिक के साथ मार्सेलो ब्रोजोविक और मैटेओ कोवासिक मीडफील्ड में गजब का संतुलन बनाकर रखते हैं. कोच डैलिक के लिए अब तक ये तीन ही पहली पसंद रहे हैं. इनके अलावा टीम के पास चेंज के लिए लोवरो मेजर, निकोला व्लासिक, मारियो पासालिक और लुका सूसिक का ऑप्शन भी मौजूद रहता है.
फॉरवर्ड्स
कोच डैलिक ने वर्ल्ड कप 2022 के पहले पांच मैचों में एंद्रेज क्रमारिक और इवान पेरिसिक से ही शुरुआत करवाई है. हालांकि, पहले मैच में मोरक्को के खिलाफ ड्रा के बाद निकोला व्लासिक की जगह मार्को लिवाजा आखिरी 11 में जगह बनाने में कामयाब रहे हैं. इनके अलावा बेंच पर एंटे बुदिमिर, मिस्लाव ओर्सिक, ब्रूनो पेटकोविक और व्लासिक भी मौजूद हैं.