Paul Pogba Ban: फुटबॉल फैन्स के लिए एक बुरी खबर सामने आई है. फ्रांस टीम के स्टार फुटबॉलर पॉल पोग्बा डोप टेस्ट में फेल हो गए हैं. इस कारण उन पर अब 4 साल के लिए प्रतिबंध लग गया है. 30 साल के पोग्बा के लिए यह एक बड़ा झटका है. इससे उनका फुटबॉल करियर भी खत्म होने की कगार पर आ सकता है.
बता दें कि फ्रांस की टीम ने 2018 में फीफा वर्ल्ड कप खिताब जीता था. तब पॉल पोग्बा उस चैम्पियन टीम का हिस्सा थे. यह स्टार मिडफील्डर इटली के क्लब युवेंट्स के लिए खेलते हैं. पोग्बा को इस सीजन की शुरुआत में डोपिंग (टेस्टोस्टेरोन -) के लिए पॉजिटीव पाया गया था.
पोग्बा ने ये खिताब भी जीते हैं
इसके बाद सितंबर में इटली के नेशनल डोपिंग एजेंसी (NDO इटालिया) ने उन्हें अस्थाई रूप से निलंबित किया था. इंग्लिश क्लब मैनचेस्टर यूनाइटेड के लिए खेल चुके पोग्बा ने 2 बार इंग्लिश लीग कप भी जीता है. साथ ही 2013 में अंडर-20 फीफा वर्ल्ड कप खिताब जीता था.
करियर भी हो सकता है खत्म
दरअसल, पिछले साल 20 अगस्त को उडिनीज में जुवेंटस की 3-0 की जीत के बाद किए गए टेस्ट में टेस्टोस्टेरोन का पता चला. अक्टूबर में दूसरे सैंपल के जवाबी विश्लेषण में भी पोग्बा का टेस्ट पॉजिटिव पाया गया था. यह हार्मोन एथलीट्स की सहनशक्ति को बढ़ाता है.
पोग्बा ने इटली की एंटी डोपिंग एजेंसी के साथ कोई समझौता नहीं किया था. यही वजह भी रही कि मामले को देश की एंटी डोपिंग कोर्ट के सामने चलाया गया. पोग्बा अगले महीने यानी 15 मार्च को 31 साल के हो जाएंगे. ऐसे में 4 साल का प्रतिबंध उनके लिए करियर खत्म करने वाला साबित हो सकता है.
किसे कहते हैं डोप?
बता दें कि खिलाड़ी अपनी शारीरिक क्षमता बढ़ाने के लिए जो प्रतिबंधित दवाएं लेते हैं, उन्हें डोप कहा जाता है. यह दवाइयां इंजेक्शन, खाने या लिक्विड फॉर्म में ली जा सकती हैं. यह एक तरह से बेईमानी होती है, क्योंकि ऐसी दवाएं खाने के बाद खिलाड़ी की क्षमता और प्रदर्शन बाकी प्लेयर्स के मुकाबले काफी ज्यादा अच्छा हो जाता है.