विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक शुक्रवार को कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के कप्तान पद से हट गए. उनकी जगह इंग्लैंड के वर्ल्ड कप विजेता कप्तान और इंडियन प्रीमियर लीग की इस फ्रेंचाइजी में अब तक उप-कप्तान की भूमिका निभा रहे इयोन मोर्गन को कमान सौंपी गई है.
कार्तिक ने केकेआर प्रबंधन को कहा कि वह अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं और टीम के लिये अधिक से अधिक योगदान देना चाहते हैं. 2018 में कप्तान निुयक्त किए गए 35 साल के इस खिलाड़ी ने 37 मैचों में टीम की अगुवाई की है. मुंबई इंडियंस के खिलाफ होने वाले मैच में मोर्गन ही टीम की अगुवाई करेंगे. टीम के अब तक के लचर प्रदर्शन के कारण कार्तिक की कप्तानी की आलोचना हो रही थी. अगर केकेआर ने अभी तक चार मैच खेले हैं तो इनकी संख्या आधी भी हो सकती थी, क्योंकि उसने चेन्नई सुपर किंग्स और किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ करीबी जीत हासिल की.
साथ ही रहस्यमयी स्पिनर सुनील नरेन की संदिग्ध गेंदबाजी एक्शन के कारण फिर से रिपोर्ट किया जाना भी टीम के लिए बुरी खबर रहा, उन्हें इसके बाद से टीम में शामिल नहीं किया गया है. किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ अर्धशतकीय पारी को छोड़ दें तो कार्तिक का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा.
इसके अलावा उनकी रणनीति कई बार नाकाम रही. वह कुलदीप यादव जैसे बेहतरीन स्पिनर को शारजाह की धीमी पिच पर अंतिम एकादश शामिल करने को लेकर सहज नहीं थे जिससे भी कुछ सवाल उठे. उन्होंने किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ डेथ ओवरों में शानदार गेंदबाजी करने वाले प्रसिद्ध कृष्ण के बजाय युवा तेज गेंदबाज शिवम मावी और कमलेश नागरकोटी पर अधिक भरोसा दिखाया है जिनकी वैरिएशन लगभग समान है और इससे भी उनकी कप्तानी के फैसले की निंदा हुई.