इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का आज 15वां सीजन भी खत्म होने वाला है. गुजरात टाइटन्स (GT) और राजस्थान रॉयल्स (RR) में से कोई एक 15वां विनर बनेगा. IPL 2022 सीजन का फाइनल अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा.
मगर आज हम यहां आपको उस दिन की कहानी के बारे में बताने जा रहे हैं, जब IPL को अपना पहला चैम्पियन मिला था. बात 1 जून 2008 की है, जब आईपीएल 2008 यानी पहले सीजन का फाइनल खेला गया. तब भी राजस्थान रॉयल्स ही खिताबी मुकाबले में थी, पर उसके सामने देश को टी20 वर्ल्ड कप जिताने वाले महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी वाली चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) थी.
राजस्थान की टीम की कप्तानी ऑस्ट्रेलिया के लीजेंड दिवंगत शेन वॉर्न संभाल रहे थे. उस पूरे सीजन में राजस्थान टीम को अंडरडॉग माना गया था. उस टीम में हिटर के रूप में यूसुफ पठान, शेन वॉटसन, पाकिस्तानी विकेटकीपर कामरान अकमल और रवींद्र जडेजा मौजूद थे. जडेजा भी तब 19 साल के थे और बैटिंग में आज की तरह मैच्योर नहीं थे. ऐसे में बागडोर वॉटसन, यूसुफ और कामरान ने ही संभाली थी. गेंदबाजी में जरूर लीडेंज खुद शेन वॉर्न मौजूद थे.
अब बात उस मैच की, जिसमें चैम्पियन तय होना था. चेन्नई के कप्तान धोनी और शेन वॉर्न टॉस के लिए मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम के बीच मैदान पर मौजूद थे. ललित मोदी ने टॉस के लिए सिक्का हवा में उछाला और वॉर्न ने हेड की मांग की और हेड आया भी. वॉर्न ने पिच का मिजाज देखते हुए पहले गेंदबाजी का फैसला किया.
गेंदबाजी में भी यूसुफ रहे हीरो
चेन्नई टीम के लिए पार्थिव पटेल और विद्युत शिवरामाकृष्णन ने ओपनिंग की. दोनों ठीक खेल रहे थे, पर यूसुफ ने 39 के स्कोर पर पहली सफलता दिलाई. विद्युत को शिकार बनाया. इसके बाद 64 के स्कोर पर यूसुफ ने ही पार्थिव को भी चलता किया. यूसुफ ने तीसरा झटका एल्बी मॉर्कल के रूप में 95 के स्कोर पर दिया. यहां से मिस्टर IPL कहे जाने वाले सुरेश रैना ने बागडोर संभालते हुए 30 बॉल पर 43 रनों की पारी खेली. इसके बदौलत चेन्नई टीम ने 5 विकेट पर 163 रन बनाए. यूसुफ ने 22 रन देकर सबसे ज्यादा 3 विकेट झटके.
यूसुफ ने बल्ले से भी दिखाया कमाल
164 रनों के टारगेट का पीछा करने उतरी राजस्थान टीम की शुरुआत बेहद खराब रही. टीम ने 43 रन पर टॉप-3 बल्लेबाज गंवा दिए. ओपनर नीरज पटेल और स्वप्निल असनोदकर के साथ कामरान भी चलते बने. यहां से फिर शेन वॉटसन और यूसुफ पठान ने ही मोर्चा संभाल और चौथे विकेट 46 बॉल पर 65 रनों की साझेदारी ठोक दी. मैच में यूसुफ ने 39 बॉल पर 56 रनों की अर्धशतकीय पारी खेली, जबकि वॉट्सन ने 19 बॉल पर 28 रन जड़ दिए.
आखिरी ओवर में चाहिए थे 8 रन
राजस्थान टीम को आखिरी ओवर में जीत के लिए 8 रनों की जरूरत थी और क्रीज पर कप्तान शेन वॉर्न और पाकिस्तानी तेज गेंदबाज सोहेल तनवीर थे. आखिरी ओवर में धोनी ने गेंदबाजी की कमान लक्ष्मीपति बालाजी को सौंपी थी. इस ओवर में एक भी बाउंड्री नहीं लगी और सिंगल-डबल से ही राजस्थान ने यह मैच जीत लिया. आखिरी बॉल पर एक रन चाहिए था. यह विनिंग रन तनवीर ने लिया था. गेंदबाजी और बल्लेबाजी में कमाल दिखाने वाले यूसुफ को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया.
2008 फाइनल में दोनों टीमों की प्लेइंग-11
राजस्थान रॉयल्स: नीरज पटेल, स्वप्निल असनोदकर, कामरान अकमल (विकेटकीपर), शेन वॉटसन, यूसुफ पठान, मोहम्मद कैफ, रवींद्र जडेजा, शेन वॉर्न (कप्तान), सोहेल तनवीर, सिद्धार्थ त्रिवेदी और मुनाफ पटेल.
चेन्नई सुपर किंग्स: पार्थिव पटेल (विकेटकीपर), विद्युत शिवरामाकृष्णन, सुरेश रैना, एल्बी मॉर्केल, महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान), चमारा कपुगेदरा, एस बद्रीनाथ, मनप्रीत गोनी, लक्ष्मीपति बालाजी, मुथैया मुरलीधरन और मकाया एनटिनी.