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अथश्री IPL 2022 कथा: एक फ्लॉप फिल्म की कहानी, जिसे उसके किरदारों ने जिंदा रखा

15 साल के आईपीएल इतिहास में शायद यह सबसे बुरा, नीरस टूर्नामेंट था. जहां काफी बोरिंग मैच हुए, दर्शकों में उत्साह की कमी थी, जिसका असर टीवी रेटिंग्स पर भी दिखा. यहां तक की अगर आप अपने आसपास देखेंगे/पूछेंगे तो आपको ऐसे कई लोग मिलेंगे, जो क्रिकेट फैन तो हैं लेकिन ये कहते मिलेंगे कि इस बार उन्हें आईपीएल देखने का मन नहीं हुआ या उन्होंने एक भी मैच नहीं देखा. 

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आईपीएल 2022 की विजेता टीम के कप्तान हार्दिक पंड्या, पीछे आईपीएल की ट्रॉफी
आईपीएल 2022 की विजेता टीम के कप्तान हार्दिक पंड्या, पीछे आईपीएल की ट्रॉफी

कट 1: इंडियन प्रीमियर लीग की भारत में वापसी हुई. कोरोना संकट के बीच पिछले साल आईपीएल को यूएई में करवाना पड़ा था, लेकिन इस बार ये भारत लौटा. फैन्स में गज़ब का उत्साह था, लेकिन तय हुआ कि आईपीएल को एक ही शहर में सीमित किया जाएगा, स्टेडियम में फैन्स की एंट्री भी लिमिटेड होगी. 

कट 2: आईपीएल 2022 को टीआरपी की रेस में काफी बड़ा झटका लगा. पहले हफ्ते में ही आईपीएल की टीवी रेटिंग्स 35 फीसदी तक गिरी, दूसरे-तीसरे और आखिरी हफ्ते तक ऐसा ही हाल रहा. दो महीने के इस टूर्नामेंट में करीब 30 फीसदी टीवी रेटिंग्स गिरी. जिसके बाद बीसीसीआई को भी चिंता हुई और अलग-अलग बयान आने शुरू हुए. 

कट 3: आईपीएल 2022 में बेहतर प्रदर्शन करने वाले उमरान मलिक को टीम इंडिया के लिए बुलावा आया. साथ ही 37 साल के दिनेश कार्तिक जो पूरे आईपीएल में छाए रहे, उनकी भी टीम इंडिया में वापसी हुई. टी-20 वर्ल्डकप 2022 पर निशाना साधे हुए टीम इंडिया को आईपीएल 2022 से कई बैक-अप प्लेयर्स मिले. 

दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग यानी इंडियन प्रीमियर लीग के 15वें संस्करण की बात करें तो पूरी फिल्म इन तीन सीन में खत्म होती दिखती है. आईपीएल का इंतज़ार हमेशा रहता है, दो महीने के लिए देश में क्रिकेट फैन्स क्लब, राज्य, शहर और अपने फेवरेट प्लेयर्स की टीमों के लिए लड़ते हैं. जिन खिलाड़ियों के खिलाफ टीम इंडिया को खेलना होता है, उन्हीं के लिए हम भी चीयर कर रहे होते हैं. लेकिन इस बार का आईपीएल काफी मायनों में अलग साबित हुआ.

15 साल के आईपीएल इतिहास में शायद यह सबसे बुरा, नीरस टूर्नामेंट था. जहां काफी बोरिंग मैच हुए, दर्शकों में उत्साह की कमी थी, जिसका असर टीवी रेटिंग्स पर भी दिखा. यहां तक की अगर आप अपने आसपास देखेंगे/पूछेंगे तो आपको ऐसे कई लोग मिलेंगे, जो क्रिकेट फैन तो हैं लेकिन ये कहते मिलेंगे कि इस बार उन्हें आईपीएल देखने का मन नहीं हुआ या उन्होंने एक भी मैच नहीं देखा. 

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क्रिकेट का ओवरडोज़, टीमों में उथल-पुथल

कोरोना काल के बीच क्रिकेट फैन्स को क्रिकेट का इंतज़ार तो था, लेकिन शायद लगातार 2 महीने के लिए हर शाम को टीवी ऑन कर मैच देखना ये शायद काफी ज्यादा हो गया था. वो भी तब जब मैच इतने ज्यादा नीरस साबित हुए, ऐसे में लोग सिर्फ स्कोरबोर्ड अपडेट्स, सोशल मीडिया पर घूमने वाली क्लिप या हाइलाइट्स के सहारे ही रहे. 

लेकिन इस बार के आईपीएल में आखिर ऐसा क्या हुआ जो लोगों को मज़ा नहीं आया या लोगों ने आईपीएल तो देखा, लेकिन वह उस तरह कनेक्ट नहीं कर पाए. अगर आईपीएल 2022 को समझें तो सबसे बड़ी मुश्किल लोगों के लिए टीम को लेकर आई, क्योंकि इस बार टीमें पूरी तरह बदल चुकी थीं.

आईपीएल 2022 में कुल 10 टीमों ने हिस्सा लिया, इस बार लखनऊ सुपर जायंट्स और गुजरात टाइटन्स की टीम पहली बार आईपीएल खेल रही थी. लखनऊ आईपीएल इतिहास की सबसे महंगी फ्रेंचाइज़ी साबित हुई, जिसे गोयनका ग्रुप ने 7090 करोड़ रुपये में खरीदा था. वहीं, गुजरात टाइटन्स (अहमदाबाद फ्रेंचाइजी) की जब एंट्री हुई, तब विवाद हुआ क्योंकि टीम खरीदने वाले सीवीसी ग्रुप की कुछ कंपनियां सट्टेबाज़ी में शामिल रही थीं. हालांकि बाद में इसको भी मंजूरी दे दी गई. 

लेकिन गेम यहां नहीं बिगड़ा, दरअसल इस बार मेगा ऑक्शन भी हुआ. यानी एक तरह से सभी टीमें पूरी तरह से बदल दी गईं. पुरानी टीमों को सिर्फ 3-4 प्लेयर्स को अपने साथ रखने का मौका मिला और बाकी प्लेयर्स दोबारा से ऑक्शन में खरीदने की बात कही गई. मेगा ऑक्शन हुआ और टीमों ने खिलाड़ियों को खरीदा. यहां पर टीम और दर्शक दोनों के लिए कन्फ्यूज़न पैदा हुआ. 

दर्शकों के लिए इसलिए क्योंकि अगर आप पिछले तीन-चार साल से लगातार आईपीएल देख रहे हैं तब आपको प्लेयर्स की टीम याद है, लेकिन इस बार सब बदला हुआ था. ऐसे में लोग कई बार कन्फ्यूजन के फ्रस्ट्रेशन में आकर मैच छोड़ते गए. केएल राहुल पहले पंजाब के साथ थे, इसबार वो लखनऊ के लिए खेले. राहुल त्रिपाठी कोलकाता से हैदराबाद गए, डेविड वॉर्नर हैदराबाद से दिल्ली गए, शार्दुल ठाकुर चेन्नई से दिल्ली गए. 

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बड़े सितारों का फेल होना...

इंडियन प्रीमियर लीग-2022 का सफल ना होना हर किसी को चुभा, लेकिन इसका सबसे बड़ा कारण फिल्म के हीरो का ही फेल हो जाना रहा. चेन्नई सुपर किंग्स की फैन फॉलोइंग का कारण महेंद्र सिंह धोनी हैं, मुंबई इंडियंस की जान रोहित शर्मा और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की पहचान विराट कोहली हैं. ये तीन टीमें ही आईपीएल की सबसे बड़ी और बड़ी फैन फॉलोइंग वाली टीमें हैं. टीम इंडिया के भी तीनों ही सबसे बड़े सितारे हैं. 

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आईपीएल 2022 के लिए बुरा यह हुआ कि तीनों ही इस बार फेल साबित हुए. महेंद्र सिंह धोनी ने आईपीएल 2022 से पहले ही कप्तानी छोड़ दी, रवींद्र जडेजा कप्तान बनाए गए और फिर चेन्नई सुपर किंग्स का बुरा हाल हो गया. शुरुआती 8 में से 6 मैच गंवाने के बाद चेन्नई को बदलाव करना पड़ा, महेंद्र सिंह धोनी फिर कप्तान बन गए. लेकिन बतौर बल्लेबाज अगर एक-दो मैच छोड़ दें तो एमएस धोनी फेल ही दिखे. हालांकि, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को लंबे वक्त पहले अलविदा कह चुके एमएस धोनी को अब कुछ प्रूफ करने की ज़रूरत नहीं है ऐसे में फैन्स उनकी झलक पाकर ही खुश दिखते हैं. चेन्नई सुपर किंग्स प्वाइंट टेबल में नौवें नंबर पर रही. यही हाल मुंबई इंडियंस का हुआ, कप्तान रोहित शर्मा इस सीजन में एक भी फिफ्टी नहीं लगा पाए. टीम इंडिया के कप्तान, भारत के सबसे बेहतरीन बल्लेबाज का अगर ऐसा हाल हो तो उसे फेल ही माना जाएगा. 

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बल्लेबाजी के साथ-साथ रोहित शर्मा की कप्तानी भी धोखा दे गई, मुंबई इंडियंस शुरुआती 8 मैच हार गई. टूर्नामेंट खत्म हुआ तो प्वाइंट टेबल में आखिरी पायदान पर रही. चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस का बुरा हाल ही आईपीएल 2022 का फ्लॉप शो का सबसे बड़ा कारण रहा. क्योंकि दोनों टीमों ने कुल मिलाकर नौ खिताब जीते हैं यानी 15 में से 9 खिताब जीतने वाली टीमें अगर प्वाइंट टेबल में आखिरी के दो पायदान पर रहेंगी तो फैन्स का दिल तो टूटेगा ही. 

अगर विराट कोहली की बात करें तो वह लंबे वक्त से बुरी फॉर्म से जूझ रहे हैं. लेकिन इस बार माहौल अलग था, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के फैन्स ने टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही माहौल बनाया, ‘ई साला कप नामडे’ यानी इस साल कप हमारा होगा. साथ ही विराट कोहली भी अपने आईपीएल 2016 की पुरानी तस्वीरें डाल रहे थे, जिस सीजन में उन्होंने 973 रन बनाकर रिकॉर्ड बनाया था. लेकिन विराट कोहली इस सीजन में दो ही फिफ्टी जमा पाए, जबकि तीन बार वह गोल्डन डक का शिकार हुए. विराट कोहली के बल्ले से रन ज़रूर बने, लेकिन 22-23 का औसत विराट कोहली के नाम के आगे शोभा नहीं देता है. 

Virat Kohli (@IPL)


नए किरदारों ने बचाई आईपीएल की लाज

आईपीएल की असली पहचान छोटे शहरों से आए लड़कों का बड़ी स्टेज पर छा जाना है. इस बार भी ऐसा ही हुआ है. जम्मू के उमरान मलिक, अलीगढ़ के रिंकू सिंह, उत्तराखंड के आयुष बदोनी और यूपी के मोहसिन खान जैसे खिलाड़ी आईपीएल में छाए रहे. आईपीएल 2022 के दौरान बीच-बीच में ऐसे कई मौके आए जहां रोमांच अपने चरम पर था, भले ही कुछ देर के लिए ही क्यों ना हो. 

लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ कोलकाता को जब प्लेऑफ की रेस में जिंदा रहने के लिए जीत जरूरी थी, तब कुछ देर के लिए रिंकू सिंह ने कमाल कर दिया. उससे पहले भी रिंकू सिंह एक मैच में ऐसा कर चुके थे. जो खिलाड़ी कभी झाड़ू लगाने की नौकरी करने को मजबूर हो रहा था, वह पिछले चार साल से कोलकाता नाइट राइडर्स के साथ जुड़ा रहा. और अब जब मौका मिला तो वह छा गया. 

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जम्मू से आए उमरान मलिक, जो शायद इस सीजन की सबसे बड़ी खोज साबित हुए. 19 साल के उमरान ने अपनी तूफानी बॉलिंग से हर किसी को हैरान कर दिया. वह पिछले सीजन में भी दिखे थे, लेकिन कुछ मैचों के लिए. इस बार उन्होंने पूरे 14 लीग मैच खेले, हर मैच में अपनी रफ्तार के दमपर सबसे तेज़ बॉल फेंकने वाला अवॉर्ड भी जीता. उमरान मलिक ने इस सीजन में 157 KMPH की रफ्तार वाली बॉल फेंकी, जो लंबे वक्त तक सीजन की सबसे तेज़ बॉल रही. लेकिन फाइनल मुकाबले में गुजरात टाइटन्स के लॉकी फर्ग्युसन 157.3 KMPH की बॉल फेंक दी. उमरान मलिक को उनकी बेहतरीन परफॉर्मेंस का इनाम मिला और वह साउथ अफ्रीका के खिलाफ होने वाली टी-20 सीरीज़ का हिस्सा बने. 

पिछले सीजन में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलने वाले राहुल तेवतिया इस बार गुजरात टाइटन्स का हिस्सा थे. इस बार भी वह सीजन में बेस्ट फिनिशर के तौर पर बनकर उभरे. पंजाब के खिलाफ हुए एक मैच में जब टीम को आखिरी बॉल पर दो बॉल में दो सिक्स चाहिए थे, तब राहुल तेवतिया ने ऐसा कर दिया. उसके अलावा कुछ अन्य मैच में भी वह डेविड मिलर के साथ टीम के संकटमोचक बने और गुजरात की नैया पार लगा दी. 

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Umran Malik


टीम इंडिया का दरवाजा खोलने वाला आईपीएल  

इंडियन प्रीमियर लीग सिर्फ एक लीग नहीं है, ये शायद मौजूदा वक्त में क्रिकेट वर्ल्ड का सबसे बड़ा मंच है, जिसे दुनिया देखती है. यहां का प्रदर्शन आपको अपने देश की नेशनल टीम में वापसी करवाता है. खासकर टीम इंडिया के सेलेक्टर्स की नज़र तो यहां पर रहती ही है. ये सीजन भी खिलाड़ियों के लिए वरदान साबित हुआ. 

सबसे बड़ी जीत हार्दिक पंड्या की हुई. टी-20 वर्ल्डकप 2021 के दौरान वह विलेन बने थे, सभी मैचों में बॉलिंग ना कर पाना और उसके बाद टीम इंडिया का वर्ल्डकप से बाहर हो जाना. हर किसी के निशाने पर हार्दिक पंड्या ही थे. लंबे वक्त से इंतज़ार था कि हार्दिक पंड्या आएंगे तो क्या होगा. वह भी लगातार कह रहे थे कि वह हर किसी को सरप्राइज़ करेंगे और ऐसा ही हुआ. 

हार्दिक पंड्या गुजरात टाइटन्स के कप्तान बने. बतौर बल्लेबाज उन्होंने लगभग 500 रन बनाए, 8 विकेट भी लिए. जिस बॉलिंग पर सवाल थे, उन्होंने लगातार 140 KMPH की रफ्तार से बॉलिंग की. कई अच्छे स्पेल भी डाले. टी-20 वर्ल्डकप 2022 से पहले जिस ऑलराउंडर की तलाश थी या विकल्प तलाशा जा रहा था, वह पूरी बहस ही खत्म हो गई.

हार्दिक के साथ-साथ एक और खिलाड़ी जिनके लिए इस आईपीएल ने किस्मत खोली. वो दिनेश कार्तिक रहे. दिनेश कार्तिक पिछले साल तक कमेंट्री कर रहे थे, टीम इंडिया के खिलाड़ियों का इंटरव्यू कर रहे थे. लेकिन 37 साल के दिनेश ने इस आईपीएल में वापसी की और एक फिनिशर का रोल अदा किया. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए दिनेश कार्तिक ने कई मैच फिनिश किए, करीब आधा दर्जन से अधिक मैचों में वह नॉटआउट ही रहे. दिनेश कार्तिक ने कई बार कहा कि वह एक मिशन को लेकर आगे बढ़ रहे हैं, उनका मिशन टी-20 वर्ल्डकप तक जाना है. यहां से सफलता मिली और आईपीएल के परफॉर्मेंस के आधार पर उन्हें साउथ अफ्रीका के खिलाफ टी-20 सीरीज़ में जगह दी गई. यहां उन्हें प्लेइंग-11 में मौका मिलेगा या नहीं, यहां एक प्रश्न चिन्ह है. 

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इंडियन प्रीमियर लीग में अब आगे क्या ?

आईपीएल 2022 खत्म हो गया है. एक नई टीम जो पहली बार टूर्नामेंट का हिस्सा थी, वह चैम्पियन बन गई है. लेकिन इस आईपीएल ने बीसीसीआई के कान ज़रूर खड़े किए होंगे, क्योंकि इतना नीरस आईपीएल जिसमें शायद एक या दो ही मैच ऐसे रहे, जो आखिरी बॉल तक गए. ऐसे आईपीएल के बाद बीसीसीआई चाहेगा कि नए सीजन में कुछ नया हो. 

लेकिन अगला सीजन उम्मीदों वाला हो सकता है, क्योंकि सबकुछ ठीक रहा तो अगला टूर्नामेंट बिना किसी पाबंदियों के खेला जाएगा. यानी 10 टीमें अपने-अपने होमग्राउंड में खेल रही होंगी. खिलाड़ी अलग-अलग शहरों में जाएंगे, अलग-अलग पिचों पर खेलेंगे तो माहौल बनेगा. ये माहौल ही आईपीएल की पहचान है. 

आप भले ही दो महीने के आईपीएल को ओवरडोज़ मानें, लेकिन बीसीसीआई या आईपीएल से जुड़े लोग ऐसा नहीं मानते हैं. क्योंकि अटकलें ऐसी भी हैं कि बीसीसीआई अब आईसीसी से अपील कर सकता है कि आईपीएल के लिए तीन महीने की खिड़की रखी जाए, यानी उस दौरान देशों के बीच कोई द्विपक्षीय सीरीज़ ना हो रही हो कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट ना हो रहा हो. ताकि हर देश के खिलाड़ी आईपीएल के दौरान फ्री रह सकें. 

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आईपीएल जितना विस्तार करेगा, उतना ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कम होगा. और ये पूरी तरह से फुटबॉल जैसा डोज़ होगा, जहां पूरे साल कोई ना कोई लीग चल रही होती है और अंतरराष्ट्रीय मैच काफी कम होते हैं. अंत में पूरा फोकस चार साल बाद सिर्फ फुटबॉल के वर्ल्डकप पर होता है. साल 2008 में जब पहली बार क्रिकेटर्स की मंडी लगी और ऑक्शन हुआ. ये उस ओर का पहला कदम था जो अब विस्तार ले चुका है.

तमाम विवादों, अपवादों या फिर इस तरह के छोटे फेलियर के बाद भी इंडियन प्रीमियर लीग एक क्रांति है. जो शायद कभी खत्म नहीं होगी, इसका सिर्फ विस्तार ही होगा. इस क्रांति ने किसी रिक्शे वाले तो किसी मज़दूर के बेटे को करोड़पति बनाया है, दूसरे देशों के क्रिकेटर्स को भारत जैसे बड़े मार्केट के सामने अपना जलवा बिखेरने का मौका दिया है. अगर इस क्रांति के लिए अंतरराष्ट्रीय मैचों की संख्या कम भी होती है और लीग का विस्तार होता है, तो शायद ऐसा सच होता दिखता है और ये कुर्बानी दी जा सकती है. 

हाल ही में पंचायत-2 वेबसीरीज़ आई थी, जिसमें इस क्रांति और कुर्बानी को बड़ी ही सहज़ता के साथ एक लाइन में कह दिया गया. यही आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के भविष्य को दर्शाती है. 

‘क्रांति बिना कुर्बानी के नहीं आती है’.    


 

 

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