रेसलर भूपिंदर सिंह गुर्जर अब किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं. 27 साल के भूपिंदर भारत की तरफ से इम्पैक्ट रेसलिंग में खेलने वाले वह दूसरे भारतीय खिलाड़ी हैं. उनसे पहले इम्पैक्ट रेसलिंग में महाबली शेरा खेले थे. गुर्जर साल 2019 में देसी हिट स्क्वाड बैनर के तहत पहले बार रिंग में उतरे थे. फिर गुर्जर ने साल 2022 में एक बार फिर रेसलिंग में वापसी की.
भूपिंदर सिंह गुर्जर जाने माने WWE सुपरस्टार ग्रेट खली और स्कॉट डी अमोर ने ट्रेनिंग दी है. हालिया दिनों में भूपिंदर ने बड़े-बड़े रेसलर्स को चित किया है. भूपिंदर के सिग्नेचर मूव्स में कॉर्नर स्पलैश, कमंद (Lariat),पावरस्लैम, रिपकॉर्ड, Samoan Drop और स्लिंग ब्लेड शामिल हैं.
भूपिंदर गुज्जर इस यात्रा को लेकर कहते हैं, 'मेरी यात्रा लंबी और कठिन और कठिन रही है. मैं अपनी पढ़ाई के लिए दिसंबर 2016 में कनाडा आ गया और पढ़ाई के साथ-साथ मैंने ट्रेनिंग भी शुरू कर दी. मुझे नई शुरुआत करनी पड़ी क्योंकि कनाडा में मेरा कोई दोस्त या परिवार नहीं था. अपने खर्चों का भुगतान करने के लिए अंशकालिक काम करना पड़ता था क्योंकि मैं अपने परिवार पर अतिरिक्त खर्चों का बोझ नहीं डालना चाहता था. अगर मेरी किस्मत अच्छी होती तो मैं उस समय 4 घंटे की नींद ले पाता था.'
भूपिंदर कहते हैं, 'मेरे कोच स्कॉट डी अमोर ने व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन में मेरी मदद की. उन्होंने मुझे एक ऐसी नौकरी खोजने में मदद की जो लचीली हो और मेरी कुश्ती ट्रेनिंग की जरूरतों के अनुकूल हो. उन वर्षों में मैंने जो प्रयास और कड़ी मेहनत की थी, वह अब रंग ला रही है. मुझे इम्पैक्ट रेसलिंग के साथ दुनिया में सबसे बड़े प्रमोशन के लिए साइन किया गया है, लेकिन चुनौतियां अब अलग हैं.'
भूपिंदर ने बताया, 'कुश्ती भारत में एक प्राचीन खेल है, इसे पंजाबी में दंगल या कुश्ती के नाम से जाना जाता है. यह सदियों से भारत में मौजूद रहा है. अंतर यह है कि यहां कुश्ती एक समुदाय के बारे में है. पेशेवर कुश्ती एक बिल्कुल नई अवधारणा है.' इसके अलावा भूपिंदर ने कहा कि वह विशेष रूप से भारतीय दर्शकों के लिए क्यूरेट किए गए 'इम्पैक्ट पहलवानी पताखा' नामक शो का हिस्सा बनने के लिए उत्साहित हैं.'
इस शो की कमेंट्री हिंदी में होंगी और इससे दुनिया भर के हिंदी भाषी दर्शकों के साथ एक जुड़ाव पैदा होगा. भूपिंदर खुद इस शो की मेजबानी करेंगे. भूपिंदर ने कहा कि जब वह बचपन में कुश्ती देखते थी तो यह समझना मुश्किल था कि कमेंटेटर क्या कह रहे थे क्योंकि उनकी पहली भाषा पंजाबी और हिंदी थी. इसलिए दर्शकों के लिए अब यह समझना आसान है कि रिंग में, पर्दे के पीछे और जमीन पर क्या हो रहा है.
भूपिंदर सिंह गुर्जर मूस, जोश अलेक्जेंडर और सामी कैलिहान जैसे रेसलर्स के साथ रिंग में भिड़ना चाहते है. इस लेकर भूपिंदर कहते हैं, 'ये सभी रेसलर मुझसे काफी सीनियर हैं और मैं उनसे सीखना चाहता हूं. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि मैं किसके साथ रिंग में हूं, लेकिन ये व्यक्तिगत रूप से इन खिलाड़ियों के साथ इम्पैक्ट रेसलिंग में भिड़ना चाहता हूं.'