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खेल मंत्री किरण रिजिजू बोले- नहीं बता सकता, दर्शक कब स्टेडियम में लौटेंगे

खेल मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि वह दर्शकों की स्टेडियमों में वापसी का सही समय नहीं बता सकते, जबकि सरकार ने अपने अनलॉक चार के दिशा-निर्देशों में खेलों के लिए 100 लोगों तक इकट्ठा होने की अनुमति दे दी है.

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Kiren Rijiju (File photo)
Kiren Rijiju (File photo)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • खेलों के लिए 100 लोगों तक इकट्ठा होने की अनुमति
  • अनलॉक-4 का यह दिशा-निर्देश 21 सितंबर से प्रभावी होगा
  • पहले 31 अगस्त तक इन पर पूरी तरह प्रतिबंध था

खेल मंत्री किरण रिजिजू ने शुक्रवार को कहा कि वह दर्शकों की स्टेडियमों में वापसी का सही समय नहीं बता सकते, जबकि सरकार ने अपने अनलॉक चार के दिशा-निर्देशों में खेलों के लिए 100 लोगों तक इकट्ठा होने की अनुमति दे दी है.

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पूर्व भारतीय कप्तान बाईचुंग भूटिया फुटबॉल स्कूल द्वारा डिजाइन किए गए एप ‘एनजोगो’ के वर्चुअल लॉन्च के मौके पर रिजिजू ने कहा कि कोविड-19 महामारी से बने हालात ने यह कहना मुश्किल कर दिया है कि दर्शकों की स्टेडियमों में वापसी कब होगी. भारत में अभी तक कोविड-19 संक्रमितों की संख्या 39 लाख से ऊपर चली गई है.

उन्होंने कहा, ‘मैं इस पर (दर्शकों की स्टेडियमों में वापसी) फैसला नहीं कर पाऊंगा. मैं नहीं जानता कि अगले एक या दो महीनों में महामारी के हालात कैसे होंगे.’

गृह मंत्रालय ने 29 अगस्त को खेलों के लिए सीमित लोगों की संख्या को इकट्ठा होने की अनुमति दी जो 100 दर्शकों तक हो सकती है, लेकिन यह 21 सितंबर से प्रभावी होगी. पहले 31 अगस्त तक इन पर पूरी तरह प्रतिबंध था.

दिशा-निर्देशों के अनुसार हालांकि ये सीमित दर्शक भी अनिवार्य नियमों के साथ ही मैदान में जा सकते हैं जिसमें चेहरे पर मास्क लगाना, सामाजिक दूरी का पालन करना, थर्मल स्कैनिंग और हाथ धोना या सैनिटाइज करना शामिल है.

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रिजिजू ने कहा कि स्टेडियम में दर्शकों को अनुमति देने पर फैसला स्थानीय अधिकारियों द्वारा ही लिया जाएगा जो गृह मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही होगा.

रिजिजू ने भी स्वीकार किया कि उन्हें भारत के 2028 ओलंपिक की पदक तालिका में भारत के शीर्ष 10 में पहुंचने का अनुमान लगाने के लिए कुछ वर्गों से आलोचनाओं का सामना करना पड़ा.

उन्होंने कहा, ‘मैं जानता हूं कि कई लोग हैरान हो रहे हैं कि ऐसा कैसे होगा, काफी लोगों ने टिप्पणियां कीं, जो अच्छी नहीं थीं. लेकिन यह लोकतांत्रिक देश है, लोगों के अपने विचार होंगे ओर हमें नहीं लगता कि हमें इन टिप्पणियों का जवाब देना चाहिए.’

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