बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 का समापन हो चुका है. इस गेम्स के 11वें दिन भारतीय टीम ने एक खास रिकॉर्ड अपने नाम करवाया. आखिरी दिन बैडमिंटन महिला एकल के फाइनल में पीवी सिंधु की जीत के साथ ही भारत ने राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में सोमवार को अपना 200 वां स्वर्ण पदक हासिल किया.
भारत कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में 200 गोल्ड मेडल जीतने वाला महज चौथा देश है. कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदकों की कुल संख्या के मामले में ऑस्ट्रेलिया शीर्ष पर है जिसने 1003 गोल्ड मेडल हासिल किए हैं. वहीं इंग्लैंड (773) दूसरे और कनाडा (510) तीसरे स्थान पर है.
बर्मिंघम खेलों में भारत ने 22 गोल्ड जीते, जिससे उसके कुल स्वर्ण पदकों की संख्या 203 हो गई. 11वें दिन सिंधु के बाद बैडमिंटन के पुरुष एकल में लक्ष्य सेन, जबकि पुरुष युगल में सात्विकसाईराज रैंकीरेड्डी और चिराग सेट्टी की जोड़ी ने पीला तमगा जीता. अचंत शरत कमल ने इसके बाद टेबल टेनिस में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया.
कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने पहला स्वर्ण 1958 में जीता था. यह स्वर्ण महान फर्राटा धावक मिल्खा सिंह ने जीता था. भारत ने इसके बाद हर राष्ट्रमंडल खेलों (1962 और 1986 में भाग नहीं लिया) में स्वर्ण पदक जीता है. इस मामले में दिल्ली में 2010 में हुए राष्ट्रमंडल खेल भारत के लिए सबसे सफल रहे है जिसमें उसने 38 स्वर्ण पदक जीते थे.
चौथे नंबर पर रहा भारत
भारत ने इन गेम्स में कुल 61 मेडल हासिल किए जिसमें 22 गोल्ड, 16 सिल्वर और 23 ब्रॉन्ज मेडल शामिल थे. इस शानदार प्रदर्शन के चलते भारत ने चौथा स्थान हासिल किया. मेडल टैली में 67 गोल्ड, 57 सिल्वर और 54 ब्रॉन्ज मेडल के साथ ऑस्ट्रेलिया टॉप पर रहा. वहीं मेजबान इंग्लैंड ने 57 गोल्ड मेडल हासिल कर दूसरा एवं कनाडा ने 26 स्वर्ण पदक के साथ तीसरे स्थान प्राप्त किया.
कुश्ती में मिला सबसे ज्यादा मेडल
कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में भारत को सबसे ज्यादा मेडल कुश्ती में मिले. भारतीय पहलवानों ने कुश्ती में 12 मेडल जीते जिसमें छह गोल्ड, एक सिल्वर और पांच ब्रॉन्ज मेडल शामिल रहे. इसके बाद इस लिस्ट में वेटलिफ्टिंग का नंबर आता है जहां भारत की झोली में 10 मेडल आए. इसके अलावा बॉक्सिंग में भी भारत तीन गोल्ड समेत 7 पदक प्राप्त हुए.