भारतीय महिला हॉकी टीम पेरिस ओलंपिक 2024 के लिए क्वालिफाई करने से चूक गई है. एफआईएच महिला ओलंपिक क्वालिफायर टूर्नामेंट में ब्रॉन्ज मेडल के मुकाबले में भारत को जापान के हाथों 0-1 से हार का सामना करना पड़ा. पेरिस ओलंपिक में जगह बनाने के लिए भारतीय टीम को इस मैच में जीत हासिल करनी थी, लेकिन ऐसा संभव नहीं हो पाया. पेरिस ओलंपिक 26 जुलाई से 11 अगस्त तक होने वाला है.
भारत-जापान का यह मैच रांची के बिरसा मुंडा इंटरनेशनल स्टेडियम में शुक्रवार (19 जनवरी) को खेला गया था. मुकाबले में जापान के लिए इकलौता गोल काना उराता ने खेल के छठे मिनट में किया. उराता ने पेनल्टी कॉर्नर पर ये गोल दागा. भारत को भी गोल करने के कई मौके मिले, लेकिन जापानी डिफेंस ने उसके हर प्रयास को नाकाम कर दिया. देखा जाए तो भारत को मैच में नौ पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन एक बार भी वह गोलपोस्ट को भेद नहीं पाई. उदिता और दीपिका जूनियर से काफी उम्मीदें थेीं, लेकिन दोनों का प्रदर्शन इस मैच में फीका रहा.
𝐉𝐚𝐩𝐚𝐧 𝐡𝐚𝐯𝐞 𝐝𝐨𝐧𝐞 𝐢𝐭! 𝐓𝐡𝐞 𝐂𝐡𝐞𝐫𝐫𝐲 𝐁𝐥𝐨𝐬𝐬𝐨𝐦𝐬 𝐚𝐫𝐞 𝐡𝐞𝐚𝐝𝐞𝐝 𝐭𝐨 𝐏𝐚𝐫𝐢𝐬 𝟐𝟎𝟐𝟒! 🥳
— International Hockey Federation (@FIH_Hockey) January 19, 2024
Japan blank India in Ranchi, in the bronze medal match of the FIH Hockey Olympic Qualifiers, to punch their ticket to the Olympic Games Paris 2024!… pic.twitter.com/iFYtyvuE4I
भारतीय महिला हॉकी टीम टूर्नामेंट के अपने पहले मैच में अमेरिका से 0-1 से हार गई थी, लेकिन इसके बाद उसने न्यूजीलैंड और इटली को हराकर पूल-बी में दूसरे स्थान पर रहकर सेमीफाइनल में जगह बनाई. भारत ने न्यूजीलैंड और इटली के खिलाफ खेल के हर विभाग में अच्छा प्रदर्शन किया था, हालांकि अहम मुकाबलों में उसक प्रदर्शन फीका रहा. सेमीफाइनल में भारत को जर्मनी के खिलाफ 3-4 से हार झेलनी पड़ी थी. भारत-जर्मनी के बीच वह मुकाबला 2-2 से ड्रॉ रहा था. इसके बाद पेनल्टी शूटआउट में नतीजा निकला था. अब अहम मैच में भारत जापान से भी हार गया.
चौथी बार ओलंपिक में जाने का टूटा सपना
भारतीय महिला हॉकी टीम के पास चौथी बार ओलंपकि के लिए क्वालिफाई करने का मौका था. भारत महिला हॉकी ने सबसे पहले साल 1980 के मास्को ओलंपिक के लिए क्वालिफाई किया था, जहां वह चौथे नंबर पर रही. इसके बाद उसने रियो (2016) और टोक्यो (2020) ओलंपिक में भी जगह बनाई थी. रियो में भारतीय टीम 12वें और टोक्यो में चौथे पायदान पर रही थी.