उत्तराखंड के देहरादून में सोमवार को आयोजित नेशनल गेम्स 2025 की शूटिंग प्रतियोगिता में कर्नाटक के 15 वर्षीय जोनाथन एंथनी ने पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर नया कीर्तिमान स्थापित किया. जोनाथन ने फाइनल में 240.7 अंक हासिल किए और सर्विसेज के रविंदर सिंह (240.3) और गुरप्रीत सिंह (220.1) को पीछे छोड़ते हुए अपने करियर का पहला सीनियर राष्ट्रीय स्वर्ण पदक जीता.
स्वर्ण पदक के साथ मिली दोगुनी खुशी
जोनाथन की इस ऐतिहासिक जीत ने उन्हें सिर्फ राष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाई, बल्कि यह उनके जन्मदिन के दिन आई, जिससे उनकी खुशी दोगुनी हो गई. जोनाथन ने अपनी जीत पर कहा कि अनुभवी निशानेबाजों के खिलाफ प्रतिस्पर्धा करना उनके लिए एक महत्वपूर्ण अनुभव रहा, जिससे उनका आत्मविश्वास और बढ़ा है.
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क्वालिफिकेशन में टोक्यो ओलंपियन को हराया
दरअसल, क्वालिफिकेशन दौर में जोनाथन ने टोक्यो ओलंपियन और एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता सौरभ चौधरी को कड़े मुकाबले में हराया. दोनों ने 578 अंक और समान इनर 10 स्कोर किया, लेकिन जोनाथन ने अंतिम सीरीज में बेहतर प्रदर्शन कर बढ़त बनाई. फाइनल में पेरिस 2024 के कांस्य पदक विजेता ओलंपियन सरबजोत सिंह भी शामिल थे, लेकिन जोनाथन ने संयम बनाए रखते हुए 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा के सबसे युवा राष्ट्रीय चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया. सरबजोत 198.4 अंक के साथ चौथे स्थान पर रहे.
परिवार ने कोच का जताया आभार
जोनाथन के माता-पिता और उनके कोच ने उनकी सफलता पर गर्व महसूस किया. उनकी मां एनसी अलफोंस अपने बेटे जोनाथन के इस अभूतपूर्व प्रदर्शन से बेहद खुश हैं और उन्होंने कोच का भी आभार व्यक्त किया. जोनाथन के पिता गॉडविन इंटेलिजेंस ब्यूरो में अधिकारी हैं और उनकी मां एक आईटी कंपनी में कार्यरत हैं.
शूटिंग में रुचि के बाद अन्य खेलों में भी थी दिलचस्पी
जोनाथन की शुरुआत में रुचि स्केटिंग और फुटबॉल में थी. इसके साथ ही उन्होंने फिट रहने के लिए सिलंबम, एक तमिल मार्शल आर्ट भी सीखा था. इस प्रकार जोनाथन एंथनी ने नेशनल गेम्स 2025 में स्वर्ण पदक जीतकर न सिर्फ एक उभरते सितारे के रूप में अपनी पहचान बनाई, बल्कि भारतीय शूटिंग को भी नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है.