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'अगर दल में महिला खिलाड़ी... तो महिला कोच रखना ही होगा', SAI का खेल महासंघों को फरमान

उत्पीड़न की दो शिकायतों के बाद SAI ने बड़ा कदम उठाया है. अब महिला प्रतिभागी होने की स्थिति में एक महिला कोच दल में शामिल करना अनिवार्य कर दिया गया.

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SAI Logo.
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स्टोरी हाइलाइट्स
  • कोच के खिलाफ उत्पीड़न की दो शिकायतों के बाद SAI का फरमान
  • एक महिला कोच दल में शामिल करना अनिवार्य कर दिया गया

महिला खिलाड़ियों द्वारा अपने कोच के खिलाफ उत्पीड़न की दो शिकायतों के बाद भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) ने बड़ा कदम उठाया है. बुधवार को राष्ट्रीय खेल महासंघों (NSF) के लिए घरेलू और विदेश में होने वाली प्रतियोगिताओं में महिला प्रतिभागी होने की स्थिति में एक महिला कोच दल में शामिल करना अनिवार्य कर दिया.

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हाल की घटनाओं को देखते हुए SAI महानिदेशक संदीप प्रधान ने सोमवार को नए प्रोटोकॉल पर चर्चा करने के लिए 15 से ज्यादा एनएसएफ के अधिकारियों से बातचीत की जो आगामी राष्ट्रमंडल खेलों में खिलाड़ियों को भेजेंगे.

महिला साइक्लिस्ट और सेलर की शिकायतें

एक महिला साइक्लिस्ट ने हाल में मुख्य कोच आरके शर्मा पर स्लोवेनिया में ‘अनुचित व्यवहार’ का आरोप लगाया था और उनके खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की थी. कोच को फिर बर्खास्त कर दिया गया और उनके खिलाफ विस्तृत जांच चल रही है.

एक महिला सेलर (नौका चालक) ने भी जर्मनी में ट्रेनिंग दौरे के दौरान उन्हें असहज महसूस कराने की शिकायत दर्ज की थी, हालांकि उन्होंने शारीरिक उत्पीड़न की शिकायत नहीं की थी.

SAI की विज्ञप्ति के अनुसार एनएसएफ पर कुछ जिम्मेदारियां’ सौंपी गई हैं, जिसमें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए यात्रा के दौरान महिला एथलीट होने की स्थिति में दल में महिला कोच ले जाना अनिवार्य होना शामिल है.

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एनएसएफ को सभी राष्ट्रीय कोचिंग शिविरों और विदेशी दौरों में अनुपालन अधिकारी (पुरुष और महिला) नियुक्त करने को कहा गया है.

शारीरिक उत्पीड़न रोकने के लिए ये प्रक्रिया

अनुपालन अधिकारी की भूमिका और जिम्मेदारियों में खिलाड़ी और अन्य के साथ नियमित रूप से संवाद करना शामिल होगा, ताकि सुनिश्चित हो कि दिशा-निर्देशों का पालन किया जा रहा है और साथ ही खेलों में शारीरिक उत्पीड़न रोकने के लिए मानक परिचालन प्रक्रिया लागू करना भी शामिल होगा.

विज्ञप्ति के अनुसार, ‘अन्य दायित्वों में उन्हें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि अगर कोई सदस्य उल्लंघन की रिपोर्ट करता है तो इसे जल्द से जल्द जिम्मेदार अधिकारियों को रिपोर्ट करना चाहिए.’

महासंघों से यह भी कहा गया है कि वे 'शिविर पूर्व संवेदीकरण मॉड्यूल’ डिजाइन करें और किसी भी राष्ट्रीय कोचिंग शिविर और विदेशी दौरों के शुरू होने से पहले सभी खिलाड़ियों, कोचों और सहयोगी स्टाफ को एक साथ इसे प्रस्तुत करें.

SAI ने एनएसएफ से अपने कोचिंग विभागों में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने को कहा है.

SAI ने कहा, ‘इन दिशा-निर्देशों से सुरक्षित और सकारात्मक माहौल सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी और ये सभी हितधारकों को जागरूक करेंगे कि हर वक्त उनसे खेल भावना और उचित नैतिक आचरण के मूल मूल्यों के अनुसार उचित बर्ताव की उम्मीद होगी.’

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विज्ञप्ति में कहा गया कि SAI नैतिक आचरण को खेल स्पर्धाओं में निष्पक्ष प्रशासन में आधारशिला के तौर पर देखता है.

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