Indonesia Football Match Tragedy: खेल जगत के लिए इंडोनेशिया से एक बेहद ही बुरी खबर सामने आई. यहां शनिवार को खेले गए एक घरेलू फुटबॉल मैच में मौत का तांडव देखने को मिला. यह तांडव अपनी टीम की हार से बौखलाए फैन्स ने ही किया.
यह दर्दनाक हादसा इंडोनेशिया में ईस्ट जावा के केपंजेन शहर में हुआ, जहां घरेलू फुटबॉल टूर्नामेंट के तहत एक मैच खेला जा रहा था. यह मैच पेरसेबाया सुराबाया (Persebaya Surabaya) और अरेमा फुटबॉल क्लब (Arema football club) के बीच खेला गया.
भगदड़ में 174 लोगों की जान गई
मुकाबले को देखने के लिए करीब 40 हजार दर्शक स्टेडियम पहुंचे थे. मैच में पेरसेबाया ने अरेमा को 3-2 से हरा दिया. इसके बाद फैन्स ने स्टेडियम में ही उपद्रव मचाना शुरू कर दिया और फिर भगदड़ मच गई.
ईस्ट जावा के डिप्टी गवर्नर ने बताया कि इस हादसे में अब तक 174 लोगों की मौत हो चुकी है. पुलिस ने अपनी पूरी ताकत लगाते हुए स्थिति को कंट्रोल करने की कोशिश की और खिलाड़ियों को सुरक्षित बाहर निकाला.
आखिर किसकी लापरवाही से हुआ हादसा?
सोचने वाली बात है कि आखिर यह बड़ा हादसा कैसे, किस कारण और किसकी लापरवाही से हुआ? हर किसी के मन में सवाल है कि आखिर यह सब हुआ कैसे? यहां बता दें कि पेरसेबाया और अरेमा टीमें एक-दूसरे की कड़ी प्रतिद्वंद्वी हैं.
BREAKING: Over 100 people were killed and 200 injured in a riot at a football stadium in Malang Indonesia, authorities said. #news #BreakingNews #Newsnight #NewsUpdate #NewsBreak #soccer #Indonesia #malang#AremavsPersebaya#arema #Kanjuruhan #bonekjancok #football pic.twitter.com/SXhCPfTId9
— That Guy Shane (@ProfanityNewz) October 1, 2022
उनके बीच मुकाबला ठीक उसी टशन के साथ होता है, जैसे क्रिकेट में भारत और पाकिस्तान के बीच मैच होता है. फुटबॉल में रियाल मैड्रिड और बार्सिलोना के बीच होता है. मगर इस इंडोनेशियाई घरेलू मैच में नतीजा खूनी संघर्ष में बदल जाएगा किसी ने सोचा नहीं था.
पॉइंटर्स में समझिए आखिर हुआ क्या?
स्टेडियम में दर्शकों की एंट्री पर लग सकता है प्रतिबंध
इंडोनेशियाई सरकार ने भी बयान जारी कर मामले में दुख जताया है. उन्होंने कहा है कि मामले की गंभीरता से जांच होगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. इंडोनेशिया के खेल और युवा मंत्री जैनुद्दीन अमाली (Zainudin Amali) ने कहा कि वह स्टेडियम में दर्शकों की एंट्री पर प्रतिबंध लगाने को लेकर भी चर्चा करेंगे. यह प्रतिबंध तब तक लगा रहेगा, जब तक की स्टेडियम में दर्शकों की सुरक्षा को लेकर पुख्ता इंतजाम नहीं कर लिए जाते.