Contenders for India's medal in Paris Olympics 2024: दुनिया का सबसे बड़ा खेल महाकुंभ यानी ओलंपिक इस बार पेरिस में 26 जुलाई से 11 अगस्त के बीच आयोजित हो रहा है. पेरिस ओलंपिक में भारत ने 117 खिलाड़ियों का दल भेजा है. ऐसे में भारत इस बार ओलंपिक में कितने मेडल जीतेगा इस पर सभी की नजरें रहेंगी. भारत के 117 सदस्यों के दल में तीन खेलों एथलेटिक्स (29), निशानेबाजी (21) और हॉकी (19) के आधे खिलाड़ी शामिल हैं. इन 69 खिलाड़ियों में से 40 खिलाड़ी पहली बार ओलंपिक में भाग ले रहे हैं.
भारत ने ओलंपिक खेलों में अभी तक कुल 35 पदक जीते हैं. इनमें निशानेबाज अभिनव बिंद्रा (2008) और नीरज चोपड़ा (2021)ही व्यक्तिगत गोल्ड मेडल जीत पाए हैं.
भारत ने टोक्यो ओलंपिक में 7 मेडल जीते थे. यह भारत का ओलंपिक इतिहास में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था. ऐसे में सवाल है कि क्या भारत इस बार पिछले ओलंपिक के प्रदर्शन से बेहतर कर पाएगा.सबसे बड़ा सवाल तो यह होगा कि क्या भारत की मेडल टैली दोहरे अंक में पहुंच पाएगी. हालांकि भारत कई खेलों में हिस्सा ले रहा है.
लेकिन कुछ खेलों में मेडल की पक्की उम्मीद है. आइए आपको बताते हैं, भारत किन खेलों में मेडल जीत सकता है?
शूटिंग में खत्म होगा सूखा, आएंगे इतने मेडल
निशानेबाजी में भारत के 21 खिलाड़ी अपनी चुनौती पेश करेंगे. जिनमें मनु भाकर को पदक का दावेदार माना जा रहा है. भारत को शूटिंग के कई इवेंट्स में मेडल की उम्मीद है. लेकिन 2016 और 2020 दोनों ही ओलंपिक में भारतीय खिलाड़ी खाली हाथ लौटे थे. इस बार सिफ्त कौर सामरा 50 मीटर एयर राइफल थ्री पोजीशन में हिस्सा ले रही हैं. वह इस इवेंट की वर्ल्ड कप होल्डर हैं. उनसे गोल्ड की उम्मीद है.
वहीं भारत 10 मीटर एयर राइफल मिक्स्ड टीम (संदीप सिंह/एलावेनिल वलारिवन, अर्जुन बबूता/रमिता जिंदल) इंवेंट में भी सिल्वर या ब्रॉन्ज मेडल जीत सकता है.
मनु भाकर तीन इवेंट 10 मीटर एयर पिस्टल, 50 मीटर एयर पिस्टल, 10 मीटर मिक्स्ड एयर पिस्टल में हिस्सा ले रहीं हैं.
ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन में हिस्सा ले रहे हैं, उनसे भी कम से कम सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल की उम्मीद है.
संभावित मेडल: 4-5 (1 गोल्ड)
बैडमिंटन में 4 मेडल की उम्मीद
इस खेल में भारत का डब्ल्स जोड़ी चिराग शेट्टी और सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी से गोल्ड या सिल्वर मेडल की उम्मीदे हैं. इन दोनों की जोड़ी ने कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स के गोल्ड मेडल विनर रहे हैं. ऐसे में भारत की यह जोड़ी गोल्ड या कम सके कम सिलल्वर मेडल जीतने की दावेदार है.
पीवी सिंधु हालांकि फॉर्म में नहीं हैं, लेकिन वह बड़े स्टेज की प्लेयर हैं, ऐसे में भारत उनसे भी उनके द्वारा तीसरे मेडल की उम्मीद करेगी. लक्ष्य सेन, एचएस प्रणॉय सिंगल्स में धमाल मचा सकते हैं. यानी ये दो भी 2 मेडल भी जीत सकते हैं. करीब दो दशक के बाद कोई बैडमिंटन खिलाड़ी मेन सिंग्ल्स में खेलने जा रहे है.
संभावित मेडल: 4 (1 गोल्ड मेडल)
वेटलिफ्टिंग में मीराबाई के कंधों पर जिम्मेदारी
मीराबाई चानू ओलंपिक दल में भारत की एकमात्र वेटलिफ्टर हैं. ऐसे में वो इस बार भी यदि दूसरा मेडल जीतती हैं तो ऐसा करने वाली तीसरी भारतीय बन जाएंगी, जिसने 3 मेडल जीते हों. एशियन गेम्स 2022 में मीराबाई इंजरी के कारण नहीं खेल पाई थीं. ऐसे में वेटलिफ्टिंग में वो कम से कम सिल्वर मेडल जीतने की दावेदार हैं.
संभावित मेडल: 1
बॉक्सिंग में जरीन और लवलीना बरसाएंगी पंच
भारत के पास बॉक्सिंग में दो मेडल आने की उम्मीद है. इनमें एक उम्मीद लवलीना बोरगोहेन तो दूसरी निकहत जरीन से है. निकहत 50 किग्रा कैटगरी में भारत को गोल्ड जिता सकती हैं, क्योंकि वह वर्तमान में इस कैटगरी में वर्ल्ड चैम्पियन भी हैं.
टोक्यो में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली लवलीना को कठिन ड्रॉ का सामना करना पड़ सकता है. 75 किग्रा कैटगरी में क्वार्टर फाइनल में उनका मुकाबला नंबर 1 सीड खिलाड़ी से हो सकता है. लेकिन वह सेमीफाइनल में पहुंचकर कम से कम भारत के लिए ब्रॉन्ज मेडल ला सकती है. वहीं बॉक्सिंंग (51 किलो) में अमित पंघल भी पदक के के दावेदार हैं, जो वर्ल्ड नंबर 1 रह चुके हैं.
संभावित मेडल: 2 (1 गोल्ड)
रेसलिंग में पंघल और फोगाट पर दारोमदार
अंतिम पंघल रेसलिंग (कुश्ती) में भारत के लिए मेडल लाने की प्रबल दावेदार मानी जा रही हैं. वह एशियन गेम्स और वर्ल्ड चैम्पियशिप के 53 किग्रा कैटगरी में ब्रॉन्ज मेडलिस्ट थीं. ऐसे में ओलंपिक में उनसे कम से कम ब्रॉन्ज मेडल की तो उम्मीद है. वहीं विनेश फोगाट का पिछला साल काफी कठिन रहा है, ऐसे में वह मेडल जीतकर अपने आलोचकों को भी शांत करना चाहेंगी.
कुश्ती में भारत ने पिछले चार ओलंपिक खेलों में पदक जीता है, लेकिन इस बार भारतीय कुश्ती महासंघ के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के कारण खिलाड़ियों की तैयारी अनुकूल नहीं रही हैं.
इसके बावजूद अंशु मलिक, अंतिम पंघल और अमन सहरावत को भारत का सबसे अच्छा दावेदार माना जा रहा है. अंडर-23 विश्व चैंपियन रीतिका हुड्डा भी छुपी रुस्तम साबित हो सकती है.
संभावित मेडल: 2
एथलेटिक्स में नीरज चोपड़ा से उम्मीद
एथलेटिक्स के जेवलिन इवेंट में भारत को एक बार फिर नीरज चोपड़ा से उम्मीद होगी. उन्होंने टोक्यो ओलंपिक में इसी इवेंट में गोल्ड मेडल जीतकर दुनिया में अपना लोहा मनवाया था. इसके बाद वह कई इवेंट में गोल्ड जीते. ऐसे में उनसे एक बार पेरिस ओलंपिक में भी मेडल जीतने की उम्मीद होगी.
नीरज भले ही अभी तक 90 मीटर की दूरी तक भाला नहीं फेक पाए हैं, लेकिन उन्होंने निरंतर अच्छा प्रदर्शन किया है. बड़ी प्रतियोगिताओं में वह अपने प्रतिद्वंद्वियों से बेहतर प्रदर्शन करते रहे हैं और उनके पास लगातार दो ओलंपिक खेलों में पदक जीतने वाला तीसरा भारतीय खिलाड़ी बनने का शानदार मौका है.इससे पहले पहलवान सुशील कुमार (2008 और 2012) तथा सिंधु (2016 और 2021) ही यह उपलब्धि हासिल कर पाए हैं.
ट्रैक और फील्ड एथलीटों, विशेषकर अविनाश साबले ने हाल में अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन अपने वैश्विक प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में उनका प्रदर्शन उन्हें पदक के दावेदारों में शामिल करने के लिए पर्याप्त नहीं लगता है.
स्टीपलचेजर साबले लगातार अपने ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड को बेहतर कर रहे हैं. उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 8:09.94 है, लेकिन 7 अंतरराष्ट्रीय धावक हैं जिन्होंने उनसे बेहतर समय निकाला है. ऐसे में उनका फाइनल में पहुंचना भी बड़ी उपलब्धि मानी जाएगी.
संभावित मेडल: 1
हॉकी में फिर आएगा मेडल
भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने टोक्यो ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था. ऐसे में इस बार भी पेरिस में भारतीय टीम कम से कम अपने पिछले बार के प्रदर्शन को दोहराना चाहेगी.
हॉकी में भारत में पिछले ओलंपिक खेलों में कांस्य पदक जीत कर 41 वर्ष के लंबे इंतजार को खत्म किया था, लेकिन हाल में टीम के प्रदर्शन में निरंतरता का अभाव रहा है. पेनल्टी कार्नर को गोल में बदलना और लय बनाए रखना टीम की सबसे बड़ी चिंता है.
यही नहीं भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम, अर्जेंटीना, न्यूजीलैंड और आयरलैंड के साथ मुश्किल ग्रुप में रखा गया है. ऐसे में टीम को छोटी गलती भी भारी पड़ सकती है.
संभावित मेडल: 1
अन्य खेलों में तीरंदाजी और टेबल टेनिस के खिलाड़ियों ने अपनी रैंकिंग के आधार पर खेलों में जगह बनाई है. तीरंदाजी में भारत लगातार ओलंपिक खेलों में भाग ले रहा है लेकिन उसे अभी अपने पहले पदक का इंतजार है.