गावस्कर ने कहा, 'क्या वह यह सलाह देना चाह रहे हैं कि सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, वीरेंद्र सहवाग, वीवीएस लक्ष्मण, अनिल कुंबले और हरभजन सिंह जैसे नाम मजबूत नहीं थे? सिर्फ इसीलिए कि वह किसी से मतलब रखे बिना सिर्फ अपने काम पर ध्यान देते थे? छातियां नहीं पीटते थे, मैदान पर चीखते-चिल्लाते नहीं थे, क्या इसीलिए वे कमजोर थे?'