आईपीएल के 13वें सीजन के आठवें मैच में शनिवार को कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) की टक्कर सनराइजर्स हैदराबाद से होगी. कोलकाता की तरह हैदराबाद भी अपने पहले मैच में हार गई थी और अब दोनों टीमें जीत के रास्ते पर लौटने की फिराक में होंगी.
केकेआर के पास टी-20 के दिग्गज बल्लेबाज आंद्रे रसेल और इयोन मोर्गन हैं. इसलिए माना जाता है कि यह टीम किसी भी लक्ष्य को हासिल करने में सक्षम है. पहले मैच में मुंबई ने केकेआर की इस ताकत को परखा और उसे 196 रनों का लक्ष्य दिया, लेकिन रसेल चले न मोर्गन और केकेआर को 49 रनों से हार झेलनी पड़ी. एक मैच के बाद हालांकि इन दोनों को नकारा नहीं जा सकता है और हैदराबाद भी इस बात से वाकिफ होगी.
केकेआर ने पहले मैच में सुनील नरेन और शुभमन गिल को पारी की शुरुआत करने भेजा था, लेकिन दोनों तेज शुरुआत नहीं दे सके थे. यहां टीम प्रबंधन एक बदलाव कर सकता है. पहले मैच में निखिल नाइक को केकेआर ने मौका दिया था जो विफल रहे थे. टीम प्रबंधन उन्हें बाहर कर किसी और को मौका दे सकता है. मध्य क्रम में कप्तान कार्तिक, नीतीश राणा, मोर्गन और रसेल को पहले से बेहतर करना होगा. अगर यह बल्लेबाजी क्रम चल गया तो किसी भी लक्ष्य को हासिल करना या बड़ा स्कोर बनाना टीम के लिए आसान बात है.
गेंदबाजी में भी केकेआर को सुधार करना होगा. पैट कमिंस को टीम ने भारी-भरकम रकम देकर खरीदा था. कमिंस पहले मैच में तो बेअसर रहे थे. तीन ओवरों में 49 रन देने के बाद कमिंस टीम के सबसे महंगे गेंदबाज भी रहे थे. उन्होंने बल्ले से 12 गेंदों पर 33 रन बनाकर यह साबित तो किया था कि वह जरूरत पड़ने पर टी-20 के लिहाज से बल्लेबाजी कर सकते हैं.
टीम प्रबंधन के लिए निश्चित तौर पर यह फायदे का सौदा है, लेकिन कमिंस की पहली जिम्मेदारी गेंद से कमाल दिखाने की है और वे भी इस बात को जानते हैं. पहले मैच के बाद आलोचनाओं का शिकार हुए कमिंस दूसरे मैच में आलोचकों का मुंह बंद करना चाहेंगे. शिवम मावी ने मुंबई के खिलाफ शानदार गेंदबाजी की थी. कमिंस के साथ मावी अगर चल जाते हैं तो केकेआर के लिए इससे बेहतर कुछ नहीं होगा. इनके साथ स्पिन विभाग जिसमें सुनील नरेन और कुलदीप यादव हैं वो साथ देता है तो केकेआर के लिए सोने पर सुहागा जैसी स्थिति होगी.
वहीं, हैदराबाद के पहले मैच के बाद उसका कमजोर मध्य क्रम उजागर हो गया. डेविड वॉर्नर चले नहीं थे, लेकिन उनके साथी जॉनी बेयरस्टो ने टीम को संभाला था और जैसे ही वो आउट हुए टीम ढेर होती चली गई. रिपोर्ट्स की मानें तो टीम के अनुभवी बल्लेबाज केन विलियमसन इस मैच से भी बाहर ही रहेंगे. वॉर्नर पहले मैच में केन विलियमसन को नहीं खिलाने की वजह से निशाने पर आ गए थे. वॉर्नर ने साथ ही विलियमसन की चोट के गंभीर नहीं होने का दावा किया था. केन विलियमसन के नहीं रहने की वजह से हैदराबाद का मीडिल ऑर्डर बेहद कमजोर दिखाई देता है. टीम के पास नंबर तीन के बाद कोई भी अनुभवी बल्लेबाज नहीं है.
टीम में एक बदलाव हुआ है. पहले मैच में चोटिल हुए मिचेल मार्श टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं. उनके स्थान पर वेस्टइंडीज के जेसन होल्डर आए हैं. गेंदबाजी में भुवनेश्वर कुमार सबसे किफायती रहे थे. संदीप शर्मा, टी. नटराजन, शंकर, अभिषेक शर्मा का प्रदर्शन औसत रहा था. टीम के सबसे बड़े हथियार राशिद खान भी ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ पाए थे. यहां भी टीम चाहेगी कि सभी अच्छा करें. मार्श की जगह यहां मोहम्मद नबी को देखा जा सकता है जो गेंद के अलावा बल्ले से भी अच्छा योगदान देने में सफल हैं.