लेकिन इसके बाद जो हुआ वो वेस्टइंडीज ने सोचा भी नहीं था. भारत ने 183 रनों के छोटे स्कोर का बचाव कर लिया. मोहिंदर अमरनाथ,
कपिल देव और अन्य गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन के दम पर वेस्टइंडीज को
भारत ने 140 रनों पर ढेर कर पहली बार वर्ल्ड कप जीता, जो इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया.