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भारतीय घरेलू क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में शुमार अमोल मजूमदार ने क्रिकेट को कहा अलविदा

मुंबई की ओर से क्रिकेट खेल चुके और रणजी ट्रॉफी में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले अमोल मजूमदार ने क्रिकेट को अलविदा कह दिया है. अमोल अगले महीने की 11 तारीख को 40 साल के हो जाते और इससे पहले ही उन्होंने क्रिकेट से संन्यास ले लिया.

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अमोल मजूमदार
अमोल मजूमदार

मुंबई की ओर से क्रिकेट खेल चुके और रणजी ट्रॉफी में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले अमोल मजूमदार ने क्रिकेट को अलविदा कह दिया है. अमोल अगले महीने की 11 तारीख को 40 साल के हो जाते और इससे पहले ही उन्होंने क्रिकेट से संन्यास ले लिया.

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मजूमदार ने अपनी जिंदगी के 21 साल क्रिकेट को दिए और इस दौरान कई उपलब्धियां भी हासिल कीं. हालांकि ये बल्लेबाज कभी इंटरनेशनल क्रिकेट नहीं खेल सका. लेकिन सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और सौरव गांगुली जैसे दिग्गज क्रिकेटरों के साथ ये क्रिकेटर खेल चुका है.

मजूमदार के क्रिकेटिंग करियर की 10 रोचक बातें-
मजूमदार ने घरेलू करियर की शुरुआत 1993-94 में मुंबई की तरफ से की थी. 15 साल मुंबई की ओर से खेलने के बाद 2009 में ये क्रिकेटर असम के लिए खेलने लगा. मजूमदार आंध्र प्रदेश के लिए भी खेल चुके हैं.

अगस्त 2009 में जब उन्हें बूची बाबू टूर्नामेंट के लिए मुंबई टीम में नहीं चुना गया, तो उन्होंने घोषणा की कि वो अगले रणजी सीजन में असम की ओर से खेलेंगे.

दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट 171 मैचों में 48.13 की औसत से 11,167 रन बनाए, जिसमें 30 शतक शामिल हैं.

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मजूमदार की कप्तानी में मुंबई ने 2006-07 में रणजी खिताब जीता था. मजूमदार ने टीम को खराब शुरुआत से उबारते हुए खिताब तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी.

उन्होंने हरियाणा के खिलाफ रणजी प्री क्वार्टर फाइनल में 260 रन बनाए और उन्हें मुंबई की स्कूली क्रिकेट से उभरा एक और क्रिकेट सितारा कहा जाने लगा.

बहुत कम लोगों को पता होगा कि जब सचिन तेंदुलकर और विनोद कांबली ने शारदाश्रम स्कूल की तरफ से 664 रन की वर्ल्ड रिकॉर्ड साझेदारी निभाई थी, तब मजूमदार पैड पहनकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे.

उन्हें 1994 में भारत अंडर-19 टीम का उप कप्तान बनाया गया और वह भारत ए की तरफ से सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ के साथ भी खेले थे.

घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद उन्हें कभी नेशनल टीम में खेलने का मौका नहीं मिला.

मजूमदार और सचिन तेंदुलकर दोनों ही रमाकांत आचरेकर के शिष्य रह चुके हैं. इतना ही नहीं खुद अमोल मजूमदार नीदरलैंड्स क्रिकेट टीम के बल्लेबाजी कोच भी रह चुके हैं.

नेशनल टीम में मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज की जगह पाने के लिए मजूमदार ने काफी प्रयास किया, लेकिन सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, मोहम्मद अजहरुद्दीन, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण जैसे बल्लेबाजों की मौजूदगी में वो ऐसा नहीं कर सके.

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अमोल को तेंदुलकर और रोहित शर्मा ने ट्विटर के जरिए शुभकामनाएं दी-



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