ऑस्ट्रेलियाई ओपन के टूर्नामेंट निदेशक क्रेग टिले ने प्रतियोगिता से जुड़ी उड़ानों में कोविड-19 के तीन नए मामले मिलने के बावजूद इस साल के पहले ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के प्रारूप में बदलाव से इनकार किया है.
ऑस्ट्रेलियाई ओपन में अभी अन्य ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंटों की तरह पुरुषों के लिए 5 सेट (बेस्ट ऑफ फाइव) और महिलाओं के लिए 3 सेट (बेस्ट ऑफ थ्री) के मुकाबले होते हैं, लेकिन कोविड-19 के कारण खिलाड़ियों को अभ्यास का मौका नहीं मिल रहा है. इसलिए पुरुष वर्ग के प्रारूप में बदलाव की मांग उठ रही है.
टिले ने हालांकि मंगलवार को नाइन नेटवर्क टेलीविजन पर कुछ पुरुष खिलाड़ियों की उनके लिए भी ‘बेस्ट ऑफ थ्री’ सेट करने की मांग को नकार दिया.
उन्होंने कहा, ‘यह ग्रैंड स्लैम है. अभी हम पुराने प्रारूप पर ही कायम हैं, जिसमें पुरुषों को 5 में से 3 और महिलाओं को 3 में से 2 सेट जीतने होते हैं.’
कुछ खिलाड़ियों ने लॉकडाउन में मुश्किल परिस्थितियों का बखान करने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया है. अभी 72 खिलाड़ियों को कड़े पृथकवास में रखा गया है, क्योंकि वे जिन उड़ानों से मेलबर्न पहुंचे थे ,उनमें कोराना वायरस के कुल मिलाकर 9 मामले मिले थे.
खिलाड़ियों के लिए अच्छी खबर यह है कि इनमें से कुछ को 14 दिनों के पृथकवास से पहले अपने कमरों से बाहर निकलने और अभ्यास करने की अनुमति मिल सकती है.