भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) के सचिव जय शाह ने शनिवार को कहा कि तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज को पिता के निधन के बाद शोक में डूबे परिवार के साथ होने के लिए भारत लौटने का विकल्प दिया गया था, लेकिन उन्होंने ‘राष्ट्रीय कर्तव्य’ के कारण ऑस्ट्रेलिया में रुके रहने का फैसला किया.
सिराज के पिता मोहम्मद गौस 53 साल के थे और फेफड़ों की बीमारी से जूझ रहे थे. बीसीसीआई से जारी विज्ञप्ति में शाह ने कहा, ‘बीसीसीआई ने सिराज के साथ एक चर्चा की और दुख की इस घड़ी में उन्हें अपने परिवार के साथ होने के लिए भारत आने का विकल्प दिया गया.’
उन्होंने कहा, ‘इस तेज गेंदबाज ने भारतीय दल के साथ बने रहने और अपने राष्ट्रीय कर्तव्यों को निभाने का फैसला किया है. बीसीसीआई उनके दुख को साझा करता है और इस बेहद चुनौतीपूर्ण समय में सिराज का समर्थन करेगा.’
Team India fast bowler Mohammed Siraj lost his father. Siraj has decided to stay with the Indian contingent.
— BCCI (@BCCI) November 21, 2020
The BCCI shares his grief and will be supportive of Siraj in this extremely challenging phase.
Statement: https://t.co/bi8CkrZ2Lc pic.twitter.com/u22O4XtpcA
बोर्ड अध्यक्ष सौरव गांगुली ने त्रासदी की इस घड़ी में जीवटता और मजबूत मानसिकता दिखाने के लिए हैदराबाद के इस तेज गेंदबाज की सराहना की. उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘मोहम्मद सिराज को इस परिस्थिति का सामना करने के लिए मजबूती मिले. मैं इस दौरे पर उनकी सफलता के लिए शुभकामनाएं देता हूं. जबर्दस्त जीवटता.’
May Mohammed siraj have a lot of strength to overcome this loss..lots of good wishes for his success in this trip.. tremendous character @bcci
— Sourav Ganguly (@SGanguly99) November 21, 2020
एक क्रिकेटर के रूप में सिराज की सफलता में उनके ऑटो चालक पिता की अहम भूमिका रही, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने बेटे की महत्वाकांक्षाओं का समर्थन किया. सिराज रणजी ट्रॉफी में हैदराबाद के लिए 41 विकेट चटकाकर सुर्खियों में आए थे.
इसके बाद इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की टीम सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) ने इस अनकैप्ड खिलाड़ी खिलाड़ी को 2.6 करोड़ रुपये की बोली के साथ टीम में शामिल किया था. वह फिलहाल रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) टीम के सदस्य है.
26 साल के सिराज ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गई भारतीय दल में टेस्ट टीम के सदस्य हैं. भारतीय टीम 13 नवंबर को ऑस्ट्रेलिया पहुंचने के बाद अभी 14 दिनों के पृथकवास से गुजर रही है. सिराज अगर भारत आते हैं, तो उन्हें ऑस्ट्रेलिया वापस पहुंचने पर फिर से 14 दिनों तक पृथकवास में रहना होगा.