भारत के दो बार के ओलंपिक पदक विजेता पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी रघबीर सिंह भोला का 92 वर्ष की उम्र में निधन हो गया. उन्होंने 1956 मेलबर्न और 1960 रोम ओलंपिक में क्रमश: स्वर्ण और रजत पदक जीते थे. उनके परिवार ने बताया कि भोला ने सोमवार को आखिरी सांस ली. उनके परिवार में पत्नी कमला भोला, तीन बेटियां और तीन नाती हैं.
भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने ट्वीट करके भोला के निधन पर शोक जताया.
Hockey India sends our deepest condolences to the family and loved ones of Indian Hockey legend, Mr. Raghbir Singh Bhola, who passed away on 21st January 2019. pic.twitter.com/qoCa8jdqKz
— Hockey India (@TheHockeyIndia) January 22, 2019
आईओए ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, ‘आईओए दिग्गज हॉकी खिलाड़ी आरएस भोला के निधन पर शोक जताता है. दो बार के ओलंपिक पदक विजेता, अर्जुन पुरस्कार विजेता और जुनूनी हॉकी खिलाड़ी, आरएस भोला ने अंतिम सांस ली. उनके परिवार और मित्रों के प्रति हमारी संवेदना है.’
अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफआईएच) के प्रमुख और आईओए अध्यक्ष नरिंदर बत्रा ने भोला को श्रृद्धांजलि दी. बत्रा ने बयान में कहा, ‘ग्रुप कप्तान (सेवानिवृत्त) रघबीर सिंह भोला के निधन की खबर से मैं स्तब्ध हूं. मैं उनकी आत्मा की शांति की प्रार्थना करता हूं और उनके परिवार तथा पूरे हाकी जगत के प्रति मेरी संवेदना है.’
उन्होंने कहा, ‘वह मेलबर्न में 1956 में ओलंपिक स्वर्ण ओर रोम में 1960 में ओलंपिक रजत पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष हॉकी टीम के सदस्य थे. उन्होंने खिलाड़ी, अंपायर और टीम मैनेजर के रूप में हॉकी को शानदार योगदान दिया.’
खेल को अलविदा कहने के बाद भी भोला आईएचएफ की चयन समिति के सदस्य रहे. वह एफआईएच के अंतरराष्ट्रीय अंपायर, भारतीय हॉकी टीम के मैनेजर, टीवी कमेंटेटर और ओलंपिक खेलों में सरकारी पर्यवेक्षक भी रहे.
उन्होंने 1954 से 1960 तक भारतीय वायुसेना और सेना की हॉकी टीमों की कप्तानी की. सेना के विभिन्न विभागों के बीच हुई चैम्पियनशिप में उनकी टीम तीन बार विजेता रही और दो बार राष्ट्रीय चैम्पियनशिप जीती.उन्हें 2000 में अर्जुन पुरस्कार से नवाजा गया था.