भारत की सफेद गेंद की टीम के उपकप्तान रोहित शर्मा के लिए उनकी हैमस्ट्रिंग चोट को लेकर हुआ हो-हल्ला भ्रमित करने के साथ मनोरंजक भी था क्योंकि वह हमेशा जानते थे कि यह चोट इतनी गंभीर नहीं थी और वह ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए खेलने के लिए तैयार होंगे.
रोहित को इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के दौरान यह हैमस्ट्रिंग चोट लगी थी, जिसके कारण उन्हें इस महीने के शुरू में ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए टीम से बाहर कर दिया गया और कुछ ही दिन में वह क्रिकेट खेलने के लिए लौट आए, जिससे अटकलों का दौर शुरू हो गया. इसके बाद उन्हें टेस्ट टीम में शामिल कर लिया गया.
33 साल के 'हिटमैन' रोहित ने पीटीआई से कहा, ‘ईमानदारी से कहूं, मैं नहीं जानता कि क्या हो रहा था और लोग किसके बारे में बात कर रहे थे. लेकिन मैं रिकॉर्ड के लिए बता दूं कि मैं बीसीसीआई और मुंबई इंडियंस के साथ लगातार संपर्क में था.’
उन्होंने दर्द के बावजूद खेलते हुए दिल्ली कैपिटल्स (DC) के खिलाफ आईपीएल फाइनल में 50 गेंदों में 68 रनों की पारी खेली. ऑस्ट्रेलिया जाने से पहले वह इस समय बेंगलुरू में राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में ‘स्ट्रेंथ एंड कंडिशनिंग’ ट्रेनिंग कर रहे हैं.
रोहित ने कहा, ‘मैंने उन्हें (मुंबई इंडियंस) को बता दिया था कि मैं मैदान पर उतर सकता हूं क्योंकि यह छोटा प्रारूप है और मैं परिस्थितियों से अच्छी तरह से निपट लूंगा. एक बार मैंने निश्चित कर लिया तो बस उस चीज पर ध्यान लगाने की जरूरत थी जो मैं करना चाहता था.’
उन्होंने कहा, ‘हैमस्ट्रिंग अब बिल्कुल ठीक लग रही है. इसे मजबूत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. लंबे प्रारूप में खेलने से पहले मुझे यह पूरी तरह से निश्चित करने की जरूरत है कि कोई भी प्रयास छूट नहीं गया, शायद यही कारण है कि मैं एनसीए में हूं.’
आईपीएल में प्ले ऑफ में चोट के बावजूद खेलने को लेकर बातें शुरू हो गई थीं, इस पर उन्होंने कहा, ‘मेरे लिए यह चिंता की बात नहीं थी कि कोई भी क्या बात कर रहा है कि वह ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए जा पाएगा या नहीं.’ उन्होंने कहा, ‘एक बार चोट लगी तो अगले दो दिन मैंने सिर्फ यही देखने का प्रयास किया कि अगले 10 दिन में मैं क्या कर सकता था, क्या मैं खेल पाऊंगा या नहीं.’
5 बार के आईपीएल चैम्पियन कप्तान ने कहा कि जब तक मैदान पर नहीं पहुंचते, तब तक पता नहीं चलता कि शरीर कैसे काम कर रहा है. उन्होंने कहा, ‘लेकिन प्रत्येक दिन हैमस्ट्रिंग चोट की स्थिति बदल रही थी. यह जिस तरह से ठीक हो रही थी तो मैं आश्वस्त हो गया कि मैं खेल सकता हूं और मैंने उस समय मुंबई इंडियंस को इसके बारे में बता दिया.’