खेलों में दुर्व्यवहार पर रोकथाम के लिए फुटबाल और हॉकी की तर्ज पर क्रिकेट में भी रेड और येलो कार्ड दिखाए जाने की तैयारी चल रही है. मैरिलबोन क्रिकेट क्लब (एमसीसी) ने क्रिकेट में दुर्व्यवहार पर रोक लगाने के उद्देश्य से प्रयोग के तौर पर कार्ड प्रणाली अपनाने का फैसला किया है, जिसमें किसी खिलाड़ी को रेड कार्ड दिखाकर मैदान से बाहर कर दिया जाएगा या 10 ओवर के लिए पेनल्टी बॉक्स में भेज दिया जाएगा.
शुरुआत यूनिवर्सिटी लेवल से
एमसीसी अभी इसे क्लब, विश्वविद्यालय और स्कूल स्तर पर शुरू करेगी. इंग्लैंड में पिछले वर्ष कम से कम पांच मैच खिलाड़ियों के खराब बर्ताव के चलते रद्द करने पड़े थे. एमसीसी ने विश्व स्तर पर अंपायरों के संघों से विचार-विमर्श कर दुर्व्यवहा र के चार स्तरों का निर्धारण कर उनके लिए आचार संहिता बनाई है.
दोषी पाए जाने पर रिटायर्ड आउट का प्रावधान
प्रस्ताव में चौथी श्रेणी के दुर्व्यवहार के अंतर्गत अंपायर को धमकी देना, किसी खिलाड़ी, अधिकारी या दर्शक पर हमला करना और नस्लीय टिप्पणी करना शामिल है. अगर बल्लेबाज इस श्रेणी के तहत दोषी पाया गया तो उसे रिटायर्ड आउट कर दिया जाएगा.
5 रन की पेनल्टी भी होगी
वहीं तीसरे श्रेणी के तहत दोषी पाए जाने पर किसी खिलाड़ी को 10 ओवर के लिए पेनल्टी बॉक्स में भेज दिया जाएगा. इससे कमतर अपराध का दोषी पाए जाने पर संबंधित टीम पर पांच रन की पेनल्टी लगाई जा सकती है.
समाचार पत्र 'द टेलीग्राफ' के वेब पोर्टल पर प्रसारित रिपोर्ट में एमसीसी के विधि प्रमुख फ्रेजर स्टुअर्ट के हवाले से कहा गया है, 'हम देख रहे हैं कि क्रिकेट में खिलाड़ियों का बर्ताव लगातार बदतर होता जा रहा है, जिसका निश्चित तौर पर इंग्लैंड सर्वाधिक शिकार है.'