भारतीय कप्तान विराट कोहली ने रविचंद्रन अश्विन से सहमति जताते हुए कहा कि पहले टेस्ट में वह एसजी गेंदों की गुणवत्ता से संतुष्ट नहीं हैं. भारतीय गेंदबाज गेंद की हालत से खुश नहीं थे और इसे बदलने के उनके अनुरोध को मैदानी अंपायरों नितिन मेनन और अनिल चौधरी ने नहीं माना.
कोहली ने कहा, ‘एसजी टेस्ट गेंदों का वह स्तर नहीं था जो अतीत में होता था. गेंद 60 ओवरों के बाद पूरी तरह खराब हो रही थी और टेस्ट में ऐसा नहीं होना चाहिए, कोई टीम इसकी अपेक्षा नहीं करती.’
उन्होंने कहा, ‘यह कोई बहाना नहीं है. इंग्लैंड की टीम अच्छा खेली और जीत की हकदार थी.’ ऐसी खबरें थी कि मेरठ की सांसपारेल्स ग्रीनलैंड्स (एसजी) ने सीरीज के लिए नई गेंद बनाई है जो गहरे रंग की है और जिससे सीम अधिक मिलेगा, लेकिन गेंदबाजों को गेंद की गुणवत्ता में कमी लगी.
अश्विन ने खेल के चौथे दिन कहा था, ‘गेंद सुंदर है, लेकिन हमारे लिए कुछ अजीब था. मैने कभी एसजी गेंद को सीम से इस तरह खराब होते नहीं देखा. शायद पहले दो दिन पिच कठोर होने से ऐसा हुआ. लेकिन दूसरी पारी में भी 35-40 ओवर के बाद यह देखने को मिला.’