आखिरकार 18वें एशियन गेम्स में भारत की स्टार शटलर पीवी सिंधु ने हारकर भी इतिहास रच दिया. वह महिला सिंगल्स के फाइनल में वर्ल्ड नंबर-1 चीनी ताइपे की ताई जु यिंग की चुनौती ध्वस्त नहीं कर पाईं. सिंधु एशियाई खेलों में बैडमिंटन के 56 साल के इतिहास में रजत पदक जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गईं. एशियन गेम्स में 1962 में बैडमिंटन को शामिल किया गया था.
मंगलवार को जकार्ता में 23 साल की वर्ल्ड नंबर-3 सिंधु बिल्कुल लय में नहीं दिखीं. भारतीय खिलाड़ी को रैंकिंग में दुनिया की सर्वश्रेष्ठ शटलर ने महज 34 मिनट में 13-21, 16-21 से मात दी. सिंधु ने यिंग के हाथों लगातार छह मुकाबले गंवाए, जिससे यिंग के पक्ष में रिकॉर्ड 3-10 हो गया. दोनों के बीच यह 13वीं भिड़ंत थी, जिसमें यिंग ने 10वीं बार बाजी मारी.
एशियाड: फाइनल में हारीं सिंधु, जीता सिल्वर, तीरंदाजों ने भी दिलाया दो मेडल
महिला सिंगल्स फाइनलः सिंधु (सिल्वर), ताई जु यिंग (गोल्ड) और साइना (ब्रॉन्ज)
एशियाई खलों के बैडमिंटन के इतिहास में भारत के कुल पदकों की संख्या (10) में पहला रजत पदक शामिल हुआ और गोल्ड मेडल का इंतजार और लंबा हो गया. साइना नेहवाल ने सोमवार को महिला सिंगल्स के सेमीफाइनल में हारकर भारत के लिए कांस्य जीता था.
कब-कब एशियाई खेलों में पदक मिले हैं-
1. महिला सिंगल्स : रजत पदक- पीवी सिंधु को 2018 में (जकार्ता)
2. महिला सिंगल्स : कांस्य पदक- साइना नेहवाल को 2018 में (जकार्ता)
3. पुरुष सिंगल्स : कांस्य पदक- सैयद मोदी को 1982 में (दिल्ली)
4. पुरुष डबल्स : कांस्य पदक- लेरॉय और प्रदीप गांधे की जोड़ी को 1982 में (दिल्ली)
5. पुरुष टीम : कांस्य पदक- 1974 में (तेहरान)
6. पुरुष टीम : कांस्य पदक- 1982 में (दिल्ली)
7. पुरुष टीम : कांस्य पदक- 1986 में (सिओल)
8. महिला टीम: कांस्य पदक- 1982 (दिल्ली)
9. महिला टीम: कांस्य पदक- 2014 (इंचियोन)
10. मिक्स्ड डबल्स (लेरॉय और कंवल ठाकर सिंह)- कांस्य पदक- 1982 (दिल्ली)
फाइनल में सिंधु हार जाती हैं...
2018 , एशियन गेम्स फाइनल में ताई जु यिंग से हारीं
2018, कॉमनवेल्थ गेम्स फाइनल में साइना नेहवाल से हारीं
2018, वर्ल्ड चैंपियनशिप फाइनल में कैरोलिना मारिन से हारीं
2017, वर्ल्ड चैंपियनशिप फाइनल में नोजोमी ओकुहारा से हारीं
2016, रियो ओलंपिक फाइनल में कैरोलिना मारिन से हारीं