भारतीय कप्तान विराट कोहली ने कहा कि रोहित शर्मा के श्रीलंका के खिलाफ एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 264 रन के रिकॉर्ड को हाल फिलहाल कोई बल्लेबाज नहीं तोड़ पाएगा. कोहली ने श्रीलंका के खिलाफ चौथे वनडे में भारत की 153 रन से जीत के बाद कहा, मैंने संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि एक बार जब रोहित चलने लग जाता है तो फिर वह बहुत खतरनाक बल्लेबाज बन जाता है.
उन्होंने कहा, ‘आज इस तरह का दिन था कि मैं अपने बच्चों से कह सकता हूं कि मैं वहां था और मैंने (रोहित को बल्लेबाजी करते हुए) देखा था. मुझे नहीं लगता कि हाल फिलहाल यह रिकार्ड टूट पाएगा. रोहित ने कोहली के साथ 202 रन की साझेदारी की.
कोहली ने कहा, ‘मुझे खुशी है कि मैंने उसके साथ बल्लेबाजी की. बीच में एक समय ऐसा भी था जब रोहित ने स्वीकार किया कि रन आसानी से नहीं बन रहे हैं और मैंने उससे कहा कि वह क्रीज पर पर्याप्त समय बिताये. एक बार 70-80 पर पहुंचने के बाद उसे रोकना मुश्किल था. भारत सीरीज में 4-0 से आगे हो गया है. उसे श्रीलंका की तरफ से अभी कोई चुनौती नहीं मिली है. कोहली से महेंद्र सिंह धोनी की अनुपस्थिति में कप्तानी के अनुभव के बारे में पूछा गया, ‘उन्होंने कहा, मुझे खुशी है कि मैं अभी कप्तान हूं. मेरे खाते में हार से ज्यादा जीत है लेकिन आपके जज्बे की परीक्षा केवल बुरे समय में होती है. ऐसा समय भी आएगा.’
कोहली ने कहा कि टीम रांची में होने वाले पांचवें और आखिरी मैच को भी हल्के से नहीं लेगी. उन्होंने कहा, ‘नहीं हम ढिलायी नहीं बरतेंगे. हम टीम में इस तरह की संस्कृति का विकास करने पर ध्यान दे रहे हैं. हम अपनी निर्ममता बरकरार रखेंगे.’
श्रीलंका के कप्तान एंजेलो मैथ्यूज ने कहा कि यह शर्मनाक है कि उनकी टीम भारत को चुनौती देने में भी नाकाम रही है. उन्होंने कहा, ‘यह शर्मनाक है कि हम उन्हें थोड़ी भी चुनौती नहीं दे पा रहे हैं. मैथ्यूज ने कहा, ‘हम आखिरी 20 ओवर में अपनी लय खो बैठे. हमारे गेंदबाजों के पास उनका कोई जवाब नहीं था. आखिरी 25 ओवरों में 290 रन बनाना अविश्वसनीय है.’ उन्होंने कहा, ‘रोहित से कुछ भी वापस नहीं लिया जा सकता. हमारा क्षेत्ररक्षण बहुत खराब रहा. हमें अपनी समस्याओं से निजात पाना होगा. हमें बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण तीनों विभाग में सुधार करना होगा.’
इनपुटः भाषा