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2015 में वर्ल्ड कप खिताब बचाने में कामयाब होगा भारतः सचिन तेंदुलकर

मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर का एक सपना था, कि उनकी मौजूदगी में टीम इंडिया वर्ल्ड कप जीते. इस सपने को सच करने के लिए सचिन ने जी तोड़ मेहनत भी की. सचिन की मेहनत जाया नहीं गई और टीम इंडिया एमएस धोनी की कप्तानी में 2011 में वर्ल्ड चैंपियन बन भी गई. अब तेंदुलकर की मानें तो टीम इंडिया 2015 में अपना खिताब बचाने में सफल होगी.

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सचिन तेंदुलकर
सचिन तेंदुलकर

मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर का एक सपना था, कि उनकी मौजूदगी में टीम इंडिया वर्ल्ड कप जीते. इस सपने को सच करने के लिए सचिन ने जी तोड़ मेहनत भी की. सचिन की मेहनत जाया नहीं गई और टीम इंडिया एमएस धोनी की कप्तानी में 2011 में वर्ल्ड चैंपियन बन भी गई. अब तेंदुलकर की मानें तो टीम इंडिया 2015 में अपना खिताब बचाने में सफल होगी.

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सचिन की बातों को पूरा क्रिकेट जगत बड़ी गंभीरता से लेता है, ऐसे में जबकि 2015 वर्ल्ड कप की पहली गेंद फेंके जाने में 500 दिन रह गए हैं, सचिन ने कहा है कि इस बार भी खिताब भारतीय उपमहाद्वीप में ही रहेगा और भारत इसका प्रबल दावेदार होगा.

पाकिस्तान के जावेद मियांदाद के अलावा छह वर्ल्ड कप खेलने वाले दूसरे खिलाड़ी सचिन ने कहा कि अगर धोनी की टीम खिताब बचाने में सफल रही तो इससे देशवासियों को बहुत खुशी मिलेगी. धोनी की टीम अगर ऐसा करने में सफल रही तो वह वेस्टइंडीज और ऑस्ट्रेलिया के बाद खिताब बचाने वाली तीसरी टीम बन जाएगी.

भारत ने 2011 में मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में श्रीलंका को हराकर 28 साल बाद इस खिताब पर कब्जा किया था. सचिन ने कहा, 'भारत के अलावा पाकिस्तान और श्रीलंका की टीमें अच्छी हैं. मैं भारत का पक्ष लेना चाहता हूं और चाहता हूं कि यह टीम अच्छा करे. यह काफी रोचक होगा, इससे देशवासियों को बहुत खुशी मिलेगी.'

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सचिन ने वनडे क्रिकेट से दिसंबर 2012 में संन्यास ले लिया था. वनडे मैचों में सबसे अधिक 18,426 रन बनाने वाले सचिन ने 2011 वर्ल्ड कप में भारत की जीत में अहम भूमिका निभाते हुए 9 मैचों में 482 रन बनाए थे.

भारत को आगामी वर्ल्ड कप के लिए पूल-बी में रखा गया है और उसका पहला मैच 15 फरवरी को एडिलेड में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के साथ होना है. वर्ल्ड कप के 45 मैचों में 2278 रन बनाने वाले सचिन मानते हैं कि भारतीय खिलाड़ी खुद को ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के माहौल में आसानी से ढाल लेंगे.

सचिन ने कहा, 'हमारे अधिकांश खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया में खेल चुके हैं. ऐसे में उनके लिए वहां के माहौल के अनुसार ढलने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए.'

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