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ओलंपिक में देश के लिए मेडल लाने वाले रेसलर बजरंग पूनिया ने 2019 में मिला पद्मश्री सम्मान प्रधानमंत्री के घर के पास बाहर ही रख दिया. ये सब इसलिए हो रहा है, क्योंकि महिला पहलवानों की तरफ से यौन शोषण के आरोपी बृजभूषण शऱण सिंह के ही करीबी संजय सिंह ने गुरुवार को भारतीय कुश्ती संघ के चुनाव में जीत हासिल की. इसके बाद 21 दिसंबर को ओलंपिक में मेडल जीतने वाली देश की पहली भारतीय महिला पहलवान साक्षी मलिक ने संन्याय लिया और शुक्रवार यानी 22 दिसंबर को बजरंग पूनिया ने पद्म श्री सम्मान लौटा दिया.
इससे पहले साक्षी मलिक रोते हुए ने कहा कि हम 40 दिनों तक सड़कों पर सोए और देश के कई हिस्सों से बहुत सारे लोग हमारा समर्थन करने आए. बूढ़ी महिलाएं आईं. ऐसे लोग भी आए, जिनके पास खाने-कमाने के लिए नहीं है. हम नहीं जीत पाए, लेकिन आप सभी का धन्यवाद. उन्होंने कहा कि हमने पूरे दिल से लड़ाई लड़ी, लेकिन WFI का अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह का बिजनेस पार्टनर और करीबी सहयोगी संजय सिंह चुना जाता है तो मैं अपनी कुश्ती को त्यागती हूं. इस दौरान साक्षी ने अपने जूते उठाकर मेज पर रख दिए. साक्षी के संन्यास के ऐलान के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा था कि अब जिसको संदेश लेना हो संदेश ले. दबदबा था, दबदबा रहेगा, ये भगवान ने दे रखा है.
क्या कहा था बजरंग पूनिया ने?
बृजभूषण शरण सिंह ने भारतीय कुश्ती संघ के चुनाव में अपने करीबी संजय सिंह 'बबलू' को जितवाकर जो दबदबा दिखाया. उसके आगे ओलंपिक पदक विजेता देश के हार मानते जा रहे हैं. 2019 में देश के लिए मेडल लाकर छाती चौड़ी करने का मौका देने वाले बजरंग पूनिया को जिस पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया था, उसी सम्मान को शुक्रवार शाम बजंरग अपने हाथों में लेकर प्रधानमंत्री आवास की तरफ बढ़े और पीएम आवास के पास बाहर ही रख दिया.
बजरंग ने सोशल मीडिया पोस्ट करके इस बात की जानकारी दी है. पूनिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी भी लिखी. पूनिया ने ये चिट्ठी भी X पर शेयर की है. बजरंग पूनिया ने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, 'मैं अपना पद्मश्री पुरस्कार प्रधानमंत्री जी को वापस लौटा रहा हूँ. कहने के लिए बस मेरा यह पत्र है. यही मेरी स्टेटमेंट है. उन्होंने मेडल लौटाने के बाद कहा कि मैंने ये सम्मान लेटर के ऊपर रख दिया है, जमीन पर नहीं रख सकते.
साक्षी ने रोते हुए किया था संन्यास का ऐलान
सवाल ये है कि आखिर ये नौबत क्यों आई? जो पद्मश्री सम्मान देश ने बजरंग पुनिया को उनके देश के लिए जीते गए मेडल के लिए दिया. आखिर उसे हाथ में रखकर वापस करने आए एक पहलवान को इतना हताश और निराश क्यों कर दिया गया? 24 घंटे पहले ही रोते हुए साक्षी मलिक ने अपने रेसलिंग शूज प्रेस कॉन्फ्रेंस की टेबल पर ऱखकर पहले कुश्ती ही छोड़ देने का ऐलान किया था.
बजरंग ने चिट्ठी में क्या कहा?
प्रधानमंत्री के नाम बजरंग पूनिया ने चिट्ठी लिखी. इसमें लिखा कि बीती 21 दिसंबर को हुए कुश्ती संघ के चुनाव में बृजभूषण एक बार दोबारा काबिज हो गया है. उसने स्टेटमेंट दी कि 'दबदबा है और दबदबा रहेगा'. महिला पहलवानों के यौन शोषण का आरोपी सरेआम दोबारा कुश्ती का प्रबंधन करने वाली इकाई पर अपना दबदबा होने का दावा कर रहा था. हम सभी की रात रोते हुए निकली. समझ नहीं आ रहा था कि कहां जाएं, क्या करें और कैसे जीएं. इतना मान-सम्मान दिया सरकार ने, लोगों ने, क्या इसी सम्मान के बोझ तले दबकर घुटता रहूं. कारण सिर्फ एक ही है जिस कुश्ती के लिए ये सम्मान मिले, उसमें हमारी साथी महिला पहलवानों को अपनी सुरक्षा के लिए कुश्ती तक छोड़नी पड़ रही है. हम 'सम्मानित पहलवान' कुछ नहीं कर सके. महिला पहलवानों को अपमानित किए जाने के बाद मैं 'सम्मानित' बनकर अपनी जिंदगी नहीं जी पाऊंगा. ऐसी जिंदगी कचोटेगी ताउम्र मुझे. इसलिए ये 'सम्मान' मैं आपको लौटा रहा हूं... आपका असम्मानित पहलवान बजरंग पूनिया
पहलवानों ने किया था ये दावा
बृजभूषण शरण सिंह पर आरोप लगाने वाले पहलवानों का दावा है कि जनवरी में बृजभूषण पर आरोप लगाने वाली महिला पहलवानों की संख्या 19 थी. जो अप्रैल आते आते 7 रह गई, क्योंकि तीन महीने में बृजभूषण ने अपने दबाव से महिला पहलवानों को पैर वापस खींचने पर मजबूर कर दिया. पहलवान कहते हैं कि उन्हें भरोसा दिया गया था कि भारतीय कुश्ती संघ पर बृजभूषण शरण सिंह के परिवार और गुर्गों को नहीं बैठने दिया जाएगा, लेकिन करीबी संजय सिंह ही जीते.
साक्षी से मिलीं प्रियंका गांधी
गुरुवार को कुश्ती संघ के प्रमुख बने संजय सिंह से ज्यादा माला खुद बाहुबली बृजभूषण पहने दिखे. उनके बेटे प्रतीक तो दबदबा दिखाने वाला पोस्टर हाथ में लेकर नजर आए. खिलाड़ियों का सवाल है कि जो आरोपी है अगर उसी की खड़ाऊं लेकर चलने वाला कुश्ती संघ का प्रमुख चुना जाता है तो न्याय कैसे मिलेगा. वहीं, शुक्रवार शाम को प्रियंका गांधी बजरंग पूनिया और साक्षी मलिक से मिलने पहुंचीं.
बृजभूषण सिंह के बदले सुर
चुनाव जीतने के बाद दबदबा दिखाने की बात करने वाले बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि जो मुझको बोलना था कल बोल दिया. मुझको किसी प्रकरण में कुछ नहीं बोलना है. अब मेरा विषय समाप्त हो चुका है. मुझे परेशान मत करिए.