सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि टीम इंडिया के कैप्टन कूल महेंद्र सिंह धोनी और बीसीसीआई के निर्वासित अध्यक्ष एन श्रीनिवासन का यह कहना कि गुरुनाथ मयप्पन का चेन्नई सुपरकिंग्स से कोई लेना देना नहीं था और वह केवल क्रिकेट समर्थक था, न्यायमूर्ति मुकुल मुद्गल समिति ने गलत साबित किया.
न्यायमूर्ति टी एस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने ने कहा, 'एन श्रीनिवासन और धोनी ने समिति के सामने अपने बयान में कहा कि गुरुनाथ मयप्पन का सीएसके की क्रिकेट गतिविधियों से कोई लेना देना नहीं था और वह केवल क्रिकेट प्रशंसक था.' पीठ ने कहा, 'उनका यह बयान जांच समिति ने तथ्यात्मक रूप से गलत पाया. समिति ने पाया कि गुरूनाथ मयप्पन टीम अधिकारी था जिसकी मैच की संवेदनशील सूचनाओं तक पहुंच थी. ऐसी जानकारी किसी आम क्रिकेट प्रशंसक को नहीं मिल पाती हैं.'
गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने गुरुनाथ मयप्पन और राज कुंद्रा को सट्टेबाजी का दोषी करार दिया. इसके अलावा बीसीसीआई के निर्वासित अध्यक्ष को बीसीसीआई और चेन्नई सुपर किंग्स में से एक को चुनने के लिए कहा. कोर्ट ने श्रीनिवासन को बीसीसीआई के चुनाव में हिस्सा नहीं लेने के लिए और बोर्ड से दूरी बनाए रखने के लिए कहा.
इनपुट भाषा से